संस्कृत और सनातन के गौरव के रूप में उभर रहा है पतंजलि गुरुकुलम् देवप्रयाग
देवप्रयाग, 20 जनवरी। सभी राज्यों के संस्कृति महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालयों को पीछे छोड़ते हुए पतंजलि गुरुकुलम्, देवप्रयाग ने संस्कृत की राज्य-स्तरीय शास्त्र प्रतियोगिता में सर्वाधिक पदक प्राप्त कर उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। केन्द्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय द्वारा देवप्रयाग परिसर में आयोजित इस प्रतियोगिता में पतंजलि गुरुकुलम्, मूल्या ग्राम, देवप्रयाग की छात्राओं ने 18 प्रतियोगिताओं में सहभागिता करते हुए उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उन्होंने 11 प्रतियोगिताओं में प्रथम, 4 में द्वितीय तथा 2 में तृतीय स्थान प्राप्त किया।
इस उल्लेखनीय सफलता के माध्यम से पतंजलि गुरुकुलम् की छात्राओं ने स्वामी जी के संस्कृत के माध्यम से संस्कृति संरक्षण के अभियान को आगे बढ़ाते हुए पतंजलि को गौरवान्वित किया। साथ ही, उत्तराखण्ड की देवभूमि में एक अग्रणी शैक्षणिक संस्थान के रूप में अपनी पहचान और सुदृढ़ की।
प्रतियोगिता में इस अभूतपूर्व सफलता पर पतंजलि योगपीठ के महामंत्री बालकृष्ण ने प्रतिभागी छात्राओं को प्रोत्साहित किया तथा उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएँ प्रेषित कीं।
गौरतलब है कि राज्य-स्तरीय शास्त्र प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली पतंजलि गुरुकुलम्, मूल्या ग्राम, देवप्रयाग की छात्राएँ आगामी दिनों में काञ्चीपुरम् में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय-स्तरीय प्रतियोगिता में उत्तराखण्ड का प्रतिनिधित्व करेंगी।
इस अवसर पर पतंजलि गुरुकुलम्, देवप्रयाग की प्राचार्या साध्वी देवश्रुति, साध्वी देवाश्रिता तथा संस्थान के अन्य सभी शिक्षकगण उपस्थित रहे।
