एमडीडीए की योजनाओं की गहन समीक्षा, पार्किंग से लेकर बाजार पुनर्विकास तक पर फोकस

आवास सचिव ने ली एमडीडीए की पहली समीक्षा बैठक, समयबद्ध व गुणवत्तापूर्ण कार्यों के दिए निर्देश
देहरादून, 22 जनवरी। उत्तराखंड में आवास एवं नगर विकास से जुड़ी योजनाओं को गति देने के उद्देश्य से आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने पदभार ग्रहण करने के बाद मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की पहली समीक्षा बैठक आयोजित की। सचिवालय स्थित अपने कक्ष में हुई इस बैठक में उन्होंने प्राधिकरण की विभिन्न योजनाओं, निर्माणाधीन परियोजनाओं और विकास कार्यों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की तथा अधिकारियों को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
चल रही परियोजनाओं की गहन समीक्षा
समीक्षा बैठक में एमडीडीए की सभी गतिमान परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इनमें पार्किंग निर्माण, पार्कों का विकास, आवासीय योजनाएं, बाजार पुनर्विकास तथा अन्य शहरी विकास से जुड़े कार्य शामिल रहे। आवास सचिव ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी परियोजनाएं निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरी की जाएं और निर्माण गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता न किया जाए। उन्होंने कहा कि विकास की गति के साथ गुणवत्ता और पारदर्शिता सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया होगी सरल व त्वरित
बैठक में मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया की भी समीक्षा की गई। डॉ. आर. राजेश कुमार ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को और अधिक सरल, पारदर्शी तथा समयबद्ध बनाया जाए, ताकि आम नागरिकों और निवेशकों को अनावश्यक परेशानियों का सामना न करना पड़े। उन्होंने कहा कि तेज और सुगम प्रक्रिया से शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा और अवैध निर्माण की प्रवृत्ति पर भी प्रभावी नियंत्रण लगेगा।
स्थलीय निरीक्षण कर करेंगे परियोजनाओं की निगरानी
आवास सचिव ने कहा कि वे स्वयं महत्वपूर्ण और निर्माणाधीन परियोजनाओं का स्थलीय निरीक्षण करेंगे। मौके पर जाकर कार्यों की वास्तविक स्थिति का आकलन करने से समस्याओं की पहचान और समाधान समय पर संभव होगा, जिससे परियोजनाओं की गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित की जा सकेगी।
ऋषिकेश, देहरादून व प्रमुख बाजार परियोजनाएं प्राथमिकता में
बैठक में ऋषिकेश, देहरादून तहसील क्षेत्र, आढ़त बाजार और इंदिरा मार्केट से जुड़ी परियोजनाओं की वर्तमान स्थिति की जानकारी ली गई। आवास सचिव ने इन सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाजारों और सार्वजनिक स्थलों का सुव्यवस्थित विकास न केवल शहर की सुंदरता बढ़ाता है, बल्कि आमजन को बेहतर सुविधाएं देने के साथ स्थानीय व्यापार को भी मजबूती प्रदान करता है।
पार्कों में गंदगी फैलाने वालों पर लगेगी पेनल्टी
एमडीडीए द्वारा विकसित और संचालित पार्कों के रखरखाव को लेकर आवास सचिव ने सख्त रुख अपनाया। उन्होंने निर्देश दिए कि पार्कों में गंदगी फैलाने या सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वालों पर प्रभावी पेनल्टी व्यवस्था लागू की जाए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता और संरक्षण प्रशासन की जिम्मेदारी है, जिसमें नागरिकों की सहभागिता भी आवश्यक है।
मास्टर प्लान और लैंड पूलिंग नीति पर बनेगी कार्ययोजना
डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि आवास विभाग सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा। प्राधिकरण स्तर पर शासन में लंबित योजनाओं को प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि सभी विकास प्राधिकरणों के साथ माहवार समीक्षा बैठकें आयोजित की जाएंगी। प्रदेश के कई शहरों के मास्टर प्लान लंबे समय से लंबित हैं, जिन्हें समयबद्ध रूप से पूरा करने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसके साथ ही लैंड पूलिंग नीति के तहत लैंड बैंक बढ़ाने पर भी विशेष जोर दिया जाएगा।
अधिकारियों ने दी परियोजनाओं की जानकारी
बैठक से पूर्व प्राधिकरण सचिव मोहन सिंह बर्निया ने आवास सचिव का पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया और एमडीडीए की प्रमुख योजनाओं एवं परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। बैठक में वित्त नियंत्रक संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता सुनील कुमार, सहायक अभियंता अजय मलिक, सहायक अभियंता सुनील गुप्ता, लेखपाल नजीर अहमद, वास्तुविद दृष्टि जैन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
आवास सचिव का बयान
आवास सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के तहत आवास एवं नगर विकास विभाग प्रदेश के सभी विकास प्राधिकरणों के साथ समन्वय बनाकर कार्य करेगा। सभी विकास योजनाओं को समयबद्ध, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा करना विभाग की प्राथमिकता है। मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया जाएगा और लंबित मास्टर प्लान व लैंड पूलिंग नीति पर विशेष कार्ययोजना बनाकर तेजी से अमल किया जाएगा।
