शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ दुर्व्यवहार की कांग्रेस ने की कड़ी निंदा
देहरादून, 22 जनवरी। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल ने धर्मनगरी प्रयागराज में ज्योतिर्मठ पीठ के जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ कथित दुर्व्यवहार की कड़े शब्दों में निंदा की है। उन्होंने कहा कि शंकराचार्य जैसे पूज्य संत के साथ किया गया दुर्व्यवहार न केवल दुर्भाग्यपूर्ण है, बल्कि यह देश की सांस्कृतिक और धार्मिक परंपराओं तथा सनातनी मूल्यों पर सीधा प्रहार है, जिसकी कड़ी निंदा की जानी चाहिए।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि संत समाज सदियों से देश को नैतिक और वैचारिक दिशा देता आया है। ऐसे में संतों और धर्मगुरुओं के प्रति सम्मान बनाए रखना न केवल समाज, बल्कि सरकार की भी जिम्मेदारी है। उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि आज उत्तर प्रदेश में सत्ता के संरक्षण में इस प्रकार की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो राज्य ही नहीं, बल्कि पूरे देश की छवि को नुकसान पहुंचा रही हैं।
श्री गोदियाल ने आरोप लगाया कि यह घटनाएं भाजपा शासित राज्यों में प्रशासनिक असंवेदनशीलता और अहंकार का परिणाम हैं, जहां सनातन धर्म के सर्वोच्च पदों पर आसीन पूज्य संतों को भी अपमान का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी सभी धर्मों, संत समाज के सम्मान और सनातन धर्म की गरिमा की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध रही है।
प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ हुई इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए प्रदेश कांग्रेस के निवर्तमान मीडिया प्रभारी श्री राजीव महर्षि ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष श्री गणेश गोदियाल के आह्वान पर 24 और 25 जनवरी 2026 को प्रदेशभर के सभी विधानसभा क्षेत्रों में मंदिर प्रांगणों में दो-दो घंटे का मौन उपवास कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से कांग्रेसजन जगद्गुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद जी के साथ हुए दुर्व्यवहार के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से अपना आक्रोश व्यक्त करेंगे और संत समाज के सम्मान व धार्मिक गरिमा की रक्षा का संदेश देंगे।
