जाड़ों की पहली बारिश में ही उजड़ी व्यवस्थाओं की पोल, थराली में सड़क बनी तालाब
— हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट —
थराली, 24 जनवरी। आपदाग्रस्त थराली में शीतकाल की पहली ही बारिश ने लोक निर्माण विभाग और नगर पंचायत प्रशासन की तैयारियों की पोल खोलकर रख दी है। थराली–देवाल मोटर मार्ग पर स्थित भैरव मार्केट के पास सड़क बारिश के बाद तालाब में तब्दील हो गई, जिससे स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष अगस्त माह में आई देवी आपदा से थराली क्षेत्र को भारी नुकसान झेलना पड़ा था। इसके बाद सरकार और प्रशासन की ओर से व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के दावे तो किए गए, लेकिन सर्दियों की पहली ही बारिश ने इन दावों की हकीकत उजागर कर दी है।

शुक्रवार को हुई बारिश के बाद शनिवार सुबह थराली नगर क्षेत्र के अपर बाजार वार्ड स्थित भैरव मार्केट के सामने सड़क पर व्यापक जलभराव देखने को मिला। सड़क पर पानी भरने से जहां दुकानदारों का व्यापार प्रभावित हुआ, वहीं गुजरने वाले वाहनों के टायरों से उछलता पानी राहगीरों और ग्राहकों के लिए परेशानी का कारण बना।
स्थानीय व्यापारियों ने बताया कि चार माह पूर्व आई आपदा में उनकी दुकानों में मलबा घुस गया था और भारी आर्थिक क्षति हुई थी। इसके बावजूद अब तक उन्हें किसी प्रकार का मुआवजा नहीं मिल पाया है। व्यापारियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा न तो सड़क की समुचित मरम्मत कराई गई और न ही जल निकासी के लिए कच्ची नालियों को खोला गया।
स्थानीय लोगों ने सड़क पर बार-बार हो रहे जलभराव को लेकर नगर पंचायत और लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों की जवाबदेही पर सवाल उठाए हैं। सूचना मिलने पर नगर पंचायत थराली की अध्यक्ष सुनीता रावत ने मौके का निरीक्षण किया और लोक निर्माण विभाग कार्यालय पहुंचकर जलभराव से निपटने के लिए नालियों के निर्माण की मांग रखी।
वहीं लोक निर्माण विभाग थराली के अधिशासी अभियंता रमेश चंद्र ने आश्वासन देते हुए कहा कि बाजार क्षेत्र में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए तात्कालिक रूप से कच्ची नालियों का निर्माण कराया जाएगा तथा भविष्य में पक्की नालियों का निर्माण भी सुनिश्चित किया जाएगा।
स्थानीय नागरिकों प्रदीप जोशी और वीरेंद्र सिंह कर्मियाल सहित अन्य लोगों ने मांग की है कि जलभराव की स्थायी समस्या से निजात दिलाने के लिए तुरंत पक्की नालियों का निर्माण किया जाए, ताकि हर बारिश में आम जनता और व्यापारियों को इस परेशानी से न जूझना पड़े।
