गणतंत्र दिवस पर वामपंथी दलों ने मनाया ‘संविधान बचाओ दिवस’

देहरादून, 27 जनवरी।हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPI(ML)) तथा अन्य वामपंथी दलों ने 26 जनवरी को ‘संविधान बचाओ दिवस’ के रूप में मनाया। गणतंत्र दिवस की 77वीं वर्षगांठ के अवसर पर पार्टी के उत्तराखंड राज्य कार्यालय में ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
ध्वजारोहण वरिष्ठ नेता गंगाधर नौटियाल ने किया। इस अवसर पर आयोजित गोष्ठी में वक्ताओं ने स्वतंत्रता संग्राम में विभिन्न विचारधाराओं—कम्युनिस्ट, क्रांतिकारी और अन्य आंदोलनों—के योगदान को रेखांकित किया। वक्ताओं ने कहा कि देश की आज़ादी और संविधान की रक्षा में अनेक धाराओं की साझा भूमिका रही है, जिसे भुलाया नहीं जा सकता।
सभा में वक्ताओं ने मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज देश में संविधान और उसकी मूल भावना को लेकर कई तरह की चुनौतियां सामने आ रही हैं। उनका कहना था कि संवैधानिक परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और संघीय ढांचे को समझने और संरक्षित करने की आवश्यकता पहले से अधिक बढ़ गई है। वक्ताओं ने समाज की एकता और अखंडता को बनाए रखने के लिए आम जनता को जागरूक और एकजुट होने का आह्वान किया।
सीपीआई (एम) के राज्य सचिव राजेंद्र पुरोहित ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान राजनीतिक माहौल में संविधान के मूल सिद्धांतों पर दबाव दिखाई दे रहा है। ऐसे में संविधान की रक्षा के लिए व्यापक जनभागीदारी आवश्यक है। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रारंभ से ही संघीय ढांचे को मजबूत करने और राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए देशव्यापी स्तर पर अभियान और विरोध कार्यक्रम चलाती रही है।
गोष्ठी में यह भी कहा गया कि सीपीआई (एम) और अन्य वामपंथी दलों ने चुनावी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता, मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों और नागरिकों के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा को लेकर लगातार अपनी बात रखी है। इसके तहत देशभर में मार्च, सभाएं और रैलियों के माध्यम से ‘संविधान बचाओ’ का संदेश दिया जा रहा है।
वक्ताओं ने यह भी कहा कि पार्टी संवैधानिक मूल्यों—धर्मनिरपेक्षता, लोकतंत्र और सामाजिक न्याय—की रक्षा के लिए शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीकों से संघर्ष जारी रखने के पक्ष में है।
इस अवसर पर गंगाधर नौटियाल, लेखराज, अनंत आकाश, नितिन मलेठा सहित अन्य नेताओं ने अपने विचार रखे। कार्यक्रम का समापन भगवंत पयार के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ।
