क्षेत्रीय समाचार

पोखरी में एसएमसी/एसएमडीसी का तृतीय एवं अंतिम प्रशिक्षण संपन्न

 

पोखरी, 28 जनवरी (राणा)। एनपीआरसी पोखरी के अंतर्गत तृतीय एवं अंतिम फेरा सामुदायिक सहभागिता एसएमसी/एसएमडीसी प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन राजकीय प्राथमिक विद्यालय उड़ामांडा में किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रशिक्षण के नोडल अधिकारी बी.एन. किमोठी, प्रधानाचार्य राजकीय इंटर कॉलेज उड़ामांडा, द्वारा दीप प्रज्वलन एवं सरस्वती वंदना के साथ किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजकीय प्राथमिक विद्यालय देवर के एसएमसी अध्यक्ष गंभीर लाल ने की। प्रशिक्षण कार्यक्रम में संदर्भदाता के रूप में रमेश नेगी एवं हरेंद्र रावत उपस्थित रहे। कार्यक्रम में क्षेत्र के 11 विद्यालयों के एसएमसी सदस्यों ने प्रतिभाग किया।
नोडल अधिकारी बी.एन. किमोठी ने प्रशिक्षण के उद्देश्य और महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए एसएमसी सदस्यों को उनकी भूमिका एवं दायित्वों की जानकारी दी। उन्होंने विद्यालयों के संचालन, शैक्षिक गुणवत्ता और सामुदायिक सहभागिता को मजबूत करने में एसएमसी की अहम भूमिका पर जोर दिया।
प्रशिक्षण सत्र में संदर्भदाता रमेश नेगी ने एसएमसी/एसएमडीसी के गठन, उनकी कार्यप्रणाली तथा समग्र शिक्षा अभियान के विभिन्न प्रावधानों पर विस्तार से जानकारी दी। वहीं द्वितीय सत्र में उपशिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों पर अपने विचार रखते हुए विद्यालय स्तर पर एसएमसी से जुड़ी समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की।
संदर्भदाता हरेंद्र रावत ने नई शिक्षा नीति–2020, शिक्षा का अधिकार अधिनियम (आरटीई) एवं इसकी प्रमुख धाराओं, विशेष रूप से आरटीई की धारा 12(1)(c) के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने छात्र सुरक्षा, बाल अधिकारों तथा विद्यालय विकास में एसएमसी की भूमिका को रेखांकित किया।
कार्यक्रम में विभिन्न विद्यालयों से शिक्षक–शिक्षिकाओं लखपत गुसाईं, हरेंद्र सिंह नेगी, प्रमोद असवाल, सुधा कुंवर, सुमन नेगी, वीणापाणी रावत, सुभूति रावत सहित अन्य शिक्षकों ने भी अपने विचार साझा किए। वहीं रमेश नेगी ने समावेशी शिक्षा, बालिका शिक्षा, बालिका सुरक्षा एवं बाल अधिकारों पर प्रकाश डाला।
प्रशिक्षण के दौरान उपस्थित अभिभावकों ने भी विद्यालयों से जुड़ी समस्याओं और शैक्षिक गुणवत्ता में सुधार को लेकर अपने सुझाव रखे। कार्यक्रम के अंत में प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए प्रतिभागियों ने ऐसे आयोजनों की निरंतरता पर जोर दिया।

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