गैर-कृषि और व्यावसायिक उपयोग के लिए भू जल पर अब टैक्स लगेगा
देहरादून, 29 जनवरी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में बुधवार हुई कैबिनेट बैठक में राज्य के विकास और जनता की सहूलियत के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
- उत्तराखंड ग्रीन हाइड्रोजन नीति-2026: कैबिनेट ने राज्य में स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए नई ग्रीन हाइड्रोजन नीति को मंजूरी दी है। इसके तहत राज्य के जल संसाधनों का उपयोग हाइड्रोजन उत्पादन के लिए किया जाएगा।
- भू-जल (Groundwater) शुल्क: गैर-कृषि और व्यावसायिक उपयोग के लिए जमीन से पानी निकालने पर अब शुल्क (Water Charges) देना होगा। इसके लिए 5,000 रुपये का पंजीकरण शुल्क तय किया गया है। कृषि और सरकारी पेयजल आपूर्ति को इससे बाहर रखा गया है।
- हवाई पट्टियों का हस्तांतरण: सामरिक महत्व को देखते हुए उत्तरकाशी की चिन्यालीसौड़ और चमोली की गौचर हवाई पट्टी को रक्षा मंत्रालय (भारतीय वायु सेना) को लीज पर देने का निर्णय लिया गया है। इन्हें ‘एडवांस लैंडिंग ग्राउंड’ के रूप में विकसित किया जाएगा।
- स्वास्थ्य कर्मियों के तबादले: स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत दी गई है। 5 साल की संतोषजनक सेवा के बाद अब वे अपने पूरे सेवाकाल में एक बार पारस्परिक (Mutual) तबादला ले सकेंगे।
- भूमि अधिग्रहण में आसानी: सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अब 2013 के जटिल अधिनियम के बजाय ‘आपसी सहमति’ से सीधे जमीन खरीदने की प्रक्रिया को मंजूरी दी गई है, ताकि विकास कार्यों में देरी न हो।
- नई यूनिवर्सिटी: देहरादून में ‘जी.आर.डी. उत्तराखंड विश्वविद्यालय’ की स्थापना के प्रस्ताव को मंजूरी मिली।
- जनजातीय कल्याण: देहरादून, चमोली, ऊधमसिंह नगर और पिथौरागढ़ जैसे जिलों में जनजातीय कल्याण विभाग के ढांचे में सुधार और नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी गई।
- सिडकुल को भूमि: ऊधमसिंह नगर के ‘पराग फार्म’ की 1354 एकड़ भूमि सिडकुल को लीज पर देने का निर्णय लिया गया ताकि औद्योगिक विकास को गति मिल सके।
. अन्य महत्वपूर्ण निर्णय
- पर्यटन: राज्य की होमस्टे योजना को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए सब्सिडी नियमों में कुछ बदलाव किए गए हैं।
- कर्मचारी हित: कुछ संवर्गों के सेवा नियमावली में संशोधन को मंजूरी दी गई है, जिससे पदोन्नति के रास्ते साफ होंगे।
