अंकिता भंडारी प्रकरण की जांच प्रक्रिया पर कांग्रेस ने उठाए सवाल
नई दिल्ली, 29 जनवरी। कांग्रेस ने उत्तराखंड सरकार से अंकिता भंडारी हत्याकांड की जांच प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि मुख्यमंत्री द्वारा सीबीआई जांच की घोषणा किए जाने के 15 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मामले की जांच औपचारिक रूप से सीबीआई को सौंपी गई है या नहीं।
उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सार्वजनिक रूप से यह कहा था कि अंकिता के माता-पिता की राय लेकर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री से मुलाकात के दौरान पीड़ित परिवार ने लिखित रूप में दोषियों को कड़ी सजा देने, मामले में कथित रूप से शामिल वीआईपी व्यक्ति की भूमिका की जांच तथा सिटिंग जज की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग रखी थी। इसके बाद मुख्यमंत्री ने सीबीआई जांच कराने की घोषणा की थी।
गणेश गोदियाल ने कहा कि इस घोषणा के बाद यह अपेक्षा थी कि पीड़ित परिवार के प्रार्थना पत्र के आधार पर सीबीआई जांच की संस्तुति भेजी जाएगी। हालांकि, उनके अनुसार सरकार द्वारा किसी अन्य पक्ष की एफआईआर के आधार पर जांच की बात सामने आ रही है, जिससे जांच की दिशा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा सीबीआई को भेजे गए प्रतिवेदन को अब तक सार्वजनिक नहीं किया गया है, न ही इस विषय में सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक जानकारी सामने आई है।
कांग्रेस अध्यक्ष ने यह भी कहा कि पार्टी की अपेक्षा है कि जांच सभी प्रासंगिक तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर की जाए, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके। उन्होंने जांच के प्रमुख बिंदुओं को सार्वजनिक किए जाने की मांग भी की।
इस अवसर पर गोदियाल ने यह भी कहा कि मामले से जुड़े कुछ तकनीकी परीक्षणों को लेकर सरकार का रुख सवालों के घेरे में है और इस पर पारदर्शिता आवश्यक है। साथ ही उन्होंने मांग की कि जांच प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों की भूमिका को स्पष्ट किया जाए, ताकि किसी भी प्रकार के हितों के टकराव की आशंका न रहे।
पत्रकार वार्ता में एक अन्य मुद्दा उठाते हुए गोदियाल ने उधम सिंह नगर में एक किसान की आत्महत्या के मामले का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि मृतक द्वारा छोड़े गए कथित संदेश में कुछ पुलिस अधिकारियों का नाम लिया गया था, जिसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। कांग्रेस ने इस मामले में भी प्रशासन से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
