क्षेत्रीय समाचार

बहुप्रतीक्षित ग्वालदम-नंदकेशरी -देवाल-वांण-तपोवन सड़क निर्माण अधर में, एक बड़े आंदोलन की सुगबुगाहट

-हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 29 जनवरी। हिमालयी महाकुंभ के रूप में विख्यात होती जा रही श्री नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 को एक वर्ष तक टाल देने के बाद क्या अब ग्वालदम-नंदकेशरी -देवाल-वांण-तपोवन जनरल स्टाफ सड़क को भी 2027 के बाद ही बीआरओ को सौंपा जाएगा यह यक्ष प्रश्न काफी तेजी के साथ फिजाओं में तैरने लगा हैं। इस प्रश्न का उत्तर फिलहाल अनुत्तरित ही हैं।
दरसअल 7 अक्टूबर 2024 को भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने ग्वालदम-नंदकेशरी राजमार्ग संख्या 91 कुल 18 किलोमीटर एवं थराली -देवाल-वांण राजमार्ग संख्या 90 नंदकेशरी से वांण तक 42 किलोमीटर एवं वांण से तपोवन तक 39.2 किलोमीटर नव निर्माण कुल 99.2 किलोमीटर लंबी, सामरिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण मानें जाने वाली प्रस्तावित जनरल स्टाफ सड़क को रक्षा मंत्रालय ने निर्मित किए जाने का निर्णय लिया गया था। ग्वालदम से तपोवन तक सड़क निर्माण एवं उसके रखरखाव की जिम्मेदारी भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय ने शिवालिक परियोजना के अंतर्गत भारत सड़क संगठन (बीआरओ) को सौंपने का निर्णय लेते हुए बकायदा टोकन मनी भी बीआरओ को जारी कर दी थी।

ग्वालदम-नंदकेशरी -देवाल-वांण-तपोवन मोटर सड़क को बीआरओ को सौंपे जाने के प्रस्ताव को देखते हुए वर्षों से बेहतरीन यातायात सुविधा के लिए छटपटा रहें ग्वालदम से लेकर वांण तक के दर्जनों गांवों के ग्रामीणों में एक नऐ उत्साह का संचार हो गया था। पिछले कई दशकों से ग्वालदम से लेकर वांण तक करीब 60 किलोमीटर सड़क के निर्माण एवं रखरखाव का जिम्मा लोनिवि थराली के ऊपर हैं, किंतु हमेशा ही धनराशि की कमियों का हवाला देते हुए लोनिवि आज तक आम जनता की अपेक्षा के अनुरूप सड़क का रखरखाव नही कर पा रहा है।

दाद पर खुजली तब शुरू हो जाती हैं जब चतुर्मास में पूरी सड़क जगह-जगह भूस्खलन, भू-धंसाव के चलते अवरूद्ध हो जाती हैं और विभाग को इसे यातायात के लिए खोलने में कई,कई दिन लग जाते हैं,उस दौरान क्षेत्रीय जनता को जो परेशानियों होती हैं उसका बखूबी बखान पीड़ित ही कर सकते हैं।

ग्वालदम से तपोवन तक सड़क निर्माण की रक्षा मंत्रालय की स्वीकृति के बाद नवंबर 2024 से ही बीआरओ ने ग्वालदम से तपोवन सड़क निर्माण के लिए अपनी गतिविधियां काफी तेज कर दी थी, बकायदा ग्वालदम से लेकर वांण तक बीआरओ एवं लोनिवि थराली के अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया । इसके साथ ही बीआरओ ने सर्वेक्षण सहित अन्य गतिविधियां भी शुरू कर दी थी जिसे देखकर माना जाने लगा था कि 2025 में बीआरओ जीरों प्वाइंट ग्वालदम से कभी भी सड़क निर्माण का कार्य शुरू कर सकता हैं,जिसे लेकर क्षेत्रीय जनता भी बेहद उत्साहित दिख रही थी।

किंतु उस समय क्षेत्रीय जनता के उत्साह पर पानी फिर गया जब नवंबर 2025 में राज्य के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से नई दिल्ली में भेट कर उनसे ग्वालदम-नंदकेशरी-देवाल-वांण मोटर सड़क को बीआरओ को देने के बजाय इसका रखरखाव लोनिवि के पास ही रहने देने की मांग की, इस मांग के बाद रक्षा मंत्रालय एवं बीआरओ फिलहाल बैकफुट पर दिखाई पड़ रहे हैं। जनरल स्टाफ सड़क को बीआरओ को सौंपने के बजाय लोनिवि के पास ही रखने की मुख्यमंत्री की मांग का देवाल क्षेत्र में भारी विरोध होने लगा इसके तहत मुख्यमंत्री का पुतला फूंकने के साथ ही जुलुस, प्रदर्शन किए गए।

विरोध, प्रदर्शन को देखते हुए भाजपा नेताओं ने मुख्यमंत्री से डेमेज कंट्रोल करने की मांग की जिस पर मुख्यमंत्री ने 7 दिसंबर 2025 को देवाल विकास खंड के ही सवाड़ गांवों में आयोजित अमर शहीद सैनिक मेले के मंच से ग्वालदम-नंदकेशरी -देवाल-वांण-तपोवन मोटर सड़क को श्री नंदादेवी राजजात यात्रा 2026 के सम्पन्न होने के बाद बीआरओ को सौंपने की सार्वजनिक घोषणा की जिस का क्षेत्रीय जनता ने दिल खोलकर कर तालियां बजा कर इस घोषणा का स्वागत भी किया। सीएम की घोषणा के बाद सड़क को लेकर प्रस्तावित तमाम आंदोलन की रणनीतियां स्थगित कर दी गई।
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नंदादेवी राजजात कमेटी कांसवा-नौटी के द्वारा मलमास, यात्रा के 19,20 सितंबर को शिलासमुद्र, होम कुंड पहुंचने,उस समय उच्च हिमालई क्षेत्रों में ठंड बढ़ने, यात्रियों की सुरक्षा की दृष्टि को मध्य नजर रखते हुए नंदादेवी राजजात यात्रा को 2027 तक स्थगित करने की 23 जनवरी को घोषणा कर दी हैं। हालांकि मंदिर समिति कुरूड़,दशोली एवं बंड के नंदा भक्तों ने नंदादेवी बड़ी जात का 2026 में ही आयोजन करने का निर्णय लेते हुए बकायदा यात्रा कार्यक्रम जारी करते हुए अपनी ओर से तैयारियां भी शुरू कर दी है। परंतु मुख्यमंत्री के द्वारा सवाड़ मेला मंच से राजजात के बाद ग्वालदम-नंदकेशरी-देवाल-वांण -तपोवन सड़क को बीआरओ को सौंपने की घोषणा एवं राजजात समिति के द्वारा 2027 तक के लिए राजजात यात्रा स्थगित कर देने के बाद ग्वालदम से लेकर देवाल, नंदानगर एवं जोशीमठ तक के नागरिकों में सड़क हस्तांतरण को लेकर तमाम संदेह पनपने लगें हैं।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के द्वारा शहीद मेला मंच से इसी साल ग्वालदम-तपोवन सड़क को अगर इस साल सितंबर माह तक बीआरओ को सौंपने की प्रक्रिया शुरू नही की जाती हैं तो ग्वालदम,देवाल, नंदानगर, जोशीमठ क्षेत्रों के नागरिकों को एक मंच पर लाकर आंदोलन छेड़ा जाएगा और सड़क को हर हाल में बीआरओ को हस्तांतरित करने का प्रयास किया जाएगा। आंदोलन की संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।
महावीर बिष्ट संयोजक
ग्वालदम, तपोवन सड़क
संघर्ष समिति देवाल

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