डीआईईटी गौचर में डीएलएड प्रशिक्षुओं की स्काउट-गाइड व प्राथमिक चिकित्सा कार्यशाला सम्पन्न

गौचर, 29 जनवरी (गुसाईं)। जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) गौचर में डीएलएड प्रशिक्षुओं के लिए आयोजित तीन दिवसीय स्काउट-गाइड एवं प्राथमिक चिकित्सा के आधारभूत ज्ञान संबंधी कार्यशाला का समापन हो गया।
समापन अवसर पर डायट के प्राचार्य आकाश सारस्वत ने कहा कि स्काउट-गाइड आंदोलन का मुख्य उद्देश्य युवाओं का समग्र विकास करना है, जिसमें आध्यात्मिक, शारीरिक, बौद्धिक, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास शामिल है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार, सक्षम और आत्मनिर्भर नागरिकों के निर्माण से ही एक सशक्त राष्ट्र की नींव रखी जा सकती है।
मुख्य संदर्भदाता एवं जिला आयुक्त स्काउट दीपक पुंडीर ने प्रशिक्षुओं को स्काउट-गाइड का परिचय देते हुए खड़े होने की विधि, ध्वज लीडर के दायित्व, समाज सेवा के कार्य तथा प्राथमिक चिकित्सा के विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी दी। जिला सचिव स्काउट-गाइड राजेन्द्र कण्डारी ने टोली ज्ञान, ध्वज शिष्टाचार, नक्शा पठन, मार्ग खोज के संकेत, सीटी एवं हाथ के संकेतों के बारे में जानकारी दी। वहीं जिला प्रशिक्षण आयुक्त (गाइड) पुष्पा कनवासी ने प्रार्थना, ध्वज गान, प्रतिज्ञा, गाइड का परिचय, स्वास्थ्य के नियम, वीपी के छह व्यायाम, योग एवं प्राणायाम पर प्रकाश डाला।
कार्यशाला के दौरान राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ) गौचर, चमोली से आए संदर्भदाताओं—सब इंस्पेक्टर भगत सिंह कण्डारी, कांस्टेबल दिगम्बर नेगी, विक्रम सिंह नेगी एवं जितेंद्र फर्स्वाण—ने आपदा प्रबंधन, फ्रैक्चर एवं मूविंग, रोप रेस्क्यू उपकरण, विभिन्न प्रकार की गांठें, मूविंग व लिफ्टिंग तकनीक तथा अस्थायी स्ट्रेचर निर्माण की व्यावहारिक जानकारी दी।
कैंप फायर (शिव रागिनी) कार्यक्रम के अंतर्गत प्रशिक्षुओं की छह टोलियों—सूरजमुखी, बुरांश, कोबरा, बाज, भेड़िया एवं चीता—द्वारा विविध सांस्कृतिक प्रस्तुतियाँ दी गईं। कार्यक्रम में समन्वयक सुबोध डिमरी, सुमन भट्ट, योगेन्द्र सिंह बर्त्वाल, बचन जितेला, नीतू सूद, मृणाल जोशी सहित अन्य शिक्षक एवं प्रशिक्षु उपस्थित रहे।
