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नासा की तकनीक पृथ्वी पर लाई अन्वेषण का स्वर्ण युग

As NASA advances technologies for sustained missions to the Moon and future exploration of Mars, its Technology Transfer program ensures these innovations benefit life on Earth. For 50 years, NASA’s Spinoff publication has highlighted how space research fuels progress in medicine, construction, robotics, aviation, agriculture, and more. Technologies developed for deep-space missions—such as 3D-printed habitats, autonomous robots, and advanced materials—are now creating affordable housing, powering industrial robots, and improving daily life. Breakthroughs include implantable heart monitors, improved search-and-rescue beacons, memory foam, digital imaging, scratch-resistant lenses, and wireless headsets. Even global food safety standards trace their roots to NASA’s Apollo missions. Spinoff 2026 showcases current success stories and introduces 20 new technologies ready for commercialization from NASA’s extensive patent portfolio. Through partnerships and licensing, NASA continues transforming extraordinary space innovations into practical solutions that deliver lasting benefits to humanity.

-A NASA FEATURE,  TRANSLATED AND PRESENTED BY JAY SINGH RAWAT-

जैसे-जैसे नासा घर (पृथ्वी) से दूर रहने और काम करने के लिए आवश्यक तकनीकों को विकसित कर रहा है, एजेंसी के ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ (तकनीक हस्तांतरण) कार्यक्रम का एकमात्र मिशन इन नवाचारों को कंपनियों, उद्यमियों और अंततः आम लोगों के हाथों तक पहुँचाना है। एजेंसी का ‘स्पिनऑफ’ (Spinoff) प्रकाशन आधी सदी से इस प्रयास को संजोए हुए है, और साझा कर रहा है कि कैसे अंतरिक्ष प्रौद्योगिकियां पृथ्वी पर हमारे जीवन को बेहतर बना रही हैं।

नासा के प्रशासक जेरेड इसाकमैन ने कहा, “नासा का काम हमेशा मिशन की सीमाओं से कहीं आगे प्रतिफल देता रहा है। जैसे-जैसे हम चंद्रमा पर निरंतर उपस्थिति के लिए आवश्यक तकनीकें विकसित कर रहे हैं और मंगल ग्रह पर मानव अन्वेषण की तैयारी कर रहे हैं, ये नवाचार चिकित्सा, विमानन, कृषि और अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई क्षमताओं के द्वार खोलते रहेंगे, जो मिशन के बाद भी पृथ्वी को स्थायी लाभ प्रदान करेंगे।”

आर्टेमिस (Artemis) सहित गहरे अंतरिक्ष और चंद्र मिशनों के समर्थन के लिए बनाई गई कई तकनीकें आज पृथ्वी पर उपयोग में हैं। ‘स्पिनऑफ’ के 50वें संस्करण में उन दो कंपनियों की कहानियां हैं जिन्होंने ग्रहों की सतहों पर आवास (habitats) बनाने के लिए 3D प्रिंटिंग उपकरण विकसित किए थे। पृथ्वी पर, इनमें से एक कंपनी कस्टम-बिल्डिंग वॉल पैनल और बाहरी आवरण (cladding) बना रही है, जबकि दूसरी कंपनी किफायती आवास के पूरे के पूरे मोहल्ले ‘एडिटिव मैन्युफैक्चरिंग’ (3D प्रिंटिंग) के जरिए तैयार कर रही है।

नासा एक ऐसे भविष्य की कल्पना करता है जहां रोबोट चंद्र मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्रियों की सहायता के लिए नियमित रखरखाव और सामान्य कार्यों को संभालेंगे। ‘स्पिनऑफ 2026’ में शामिल दो कंपनियों को उस जरूरत को पूरा करने के लिए एजेंसी का सहयोग मिला, और दोनों ने पहले ही पृथ्वी पर अपनी तकनीक के अनुप्रयोग ढूंढ लिए हैं। एक कंपनी ऐसे रोबोट बनाने के लिए सॉफ्टवेयर का व्यवसायीकरण कर रही है जो बाथरूम की सफाई और घरों का निर्माण कर रहे हैं, और दूसरी ने एक ‘ह्यूमनॉइड रोबोट’ (मानव जैसा रोबोट) बनाया है जो गोदामों और असेंबली लाइनों के काम करने में सक्षम है।

वाशिंगटन में नासा मुख्यालय में टेक्नोलॉजी ट्रांसफर प्रोग्राम के कार्यकारी डैन लोकनी ने कहा, “दूर की दुनिया में अविश्वसनीय कारनामों के लिए अविश्वसनीय नवाचार की आवश्यकता होती है। हम यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि न केवल चंद्र सतह पर अन्वेषण से, बल्कि शनि के चंद्रमा ‘टाइटन’ पर रोटरक्राफ्ट भेजने या गहरे अंतरिक्ष में अंतरतारकीय वस्तुओं (interstellar objects) के अध्ययन के मिशनों से कौन सी नई सफलताएं और प्रगति सामने आती हैं।”

नासा का कोई भी कार्य ‘स्पिनऑफ’ तकनीक का रूप ले सकता है, जिसमें जीवन रक्षक आविष्कार भी शामिल हैं। अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) पर अंतरिक्ष यात्रियों के लिए जीवन आसान बनाने की कोशिश कर रहे इंजीनियरों द्वारा विकसित तकनीक अब एक इम्प्लांटेबल हार्ट मॉनिटर (हृदय की निगरानी करने वाला उपकरण) में बदल गई है, जो हृदय गति रुकने (heart failure) के रोगियों को अस्पताल से बाहर रखने में मदद कर रही है। कंपनियां नासा की उपग्रह संचार तकनीक के आधार पर खोज और बचाव नेटवर्क के लिए ‘पर्सनल लोकेटर बीकन’ में भी सुधार कर रही हैं।

प्रमुख स्पिनऑफ्स (Standout Spinoffs)

  • खाद्य सुरक्षा: चंद्रमा की यात्रा करने वाले अपोलो अंतरिक्ष यात्रियों के लिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु नासा द्वारा बनाई गई प्रक्रियाओं ने वैश्विक स्तर पर खाद्य उत्पादन को नियंत्रित करने वाले सुरक्षा नियमों की नींव रखी।

  • मेमोरी फोम: आज गद्दों में पाया जाने वाला ‘मेमोरी फोम’ 1970 के दशक में विमान की सीटों के लिए दबाव सोखने वाली सामग्री के नासा के विकास से उत्पन्न हुआ था।

  • डिजिटल कैमरा: छोटी और ऊर्जा-कुशल कैमरा तकनीक, जिसे शुरू में नासा ने अंतरिक्ष यान के लिए कॉम्पैक्ट इमेजिंग सिस्टम बनाने के लिए डिजाइन किया था, आज स्मार्टफोन कैमरों से लेकर सिनेमा तक आधुनिक डिजिटल इमेजरी का आधार है।

  • स्क्रैच-प्रतिरोधी लेंस: चश्मों के लेंस पर उपयोग होने वाला सख्त कोटिंग मूल रूप से एयरोस्पेस अनुप्रयोगों के लिए विकसित किया गया था।

  • वायरलेस हेडसेट: यह तकनीक नासा द्वारा अंतरिक्ष यात्रियों के लिए हैंड्स-फ्री संचार सक्षम करने हेतु विकसित की गई थी।

स्पिनऑफ 2026′ के पाठकों को नासा के “विशाल छलांग” के इतिहास में अगले “छोटे कदम” में योगदान देने और अंतरिक्ष से प्रेरित तकनीक को पृथ्वी पर लाने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस संस्करण के ‘स्पिनऑफ्स ऑफ टुमारो’ खंड में, 20 तकनीकें व्यवसायीकरण के लिए तैयार हैं, साथ ही नासा के पेटेंट पोर्टफोलियो में उपलब्ध अन्य 1,300 आविष्कारों के लाइसेंस प्राप्त करने की जानकारी भी दी गई है।

स्पिनऑफ, नासा के ‘स्पेस टेक्नोलॉजी मिशन निदेशालय’ और इसके ‘टेक्नोलॉजी ट्रांसफर’ कार्यक्रम का हिस्सा है। टेक्नोलॉजी ट्रांसफर का कार्य साझेदारी और लाइसेंसिंग समझौतों के माध्यम से नासा द्वारा विकसित तकनीक के लिए व्यापक और अभिनव अनुप्रयोग खोजना है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि एजेंसी का निवेश देश और दुनिया को लाभ पहुँचाए।

नासा के स्पिनऑफ का 50वां संस्करण पढ़ने के लिए यहां जाएं: https://go.nasa.gov/4t5Xv12

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