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वन सुरक्षा सप्ताह के तहत राजकीय इंटर कॉलेज उडामांडा में भाषण प्रतियोगिता

 


पोखरी, 4 फरवरी (राणा)। राजकीय इंटर कॉलेज उडामाडा में वन सुरक्षा सप्ताह के अवसर पर वन विभाग के तत्वावधान में भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों एवं समाज को वनाग्नि से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक करना रहा।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए प्रधानाचार्य ब्रह्मानंद किमोठी ने कहा कि वनाग्नि से प्रतिवर्ष भारी पर्यावरणीय एवं आर्थिक क्षति होती है। भारत में इससे सालाना लगभग 1.74 लाख करोड़ रुपये का आर्थिक नुकसान होता है, जबकि वैश्विक स्तर पर यह लगभग 106 मिलियन डॉलर की क्षति का कारण बनती है। उन्होंने बताया कि वनाग्नि से करोड़ों हेक्टेयर वन क्षेत्र नष्ट हो जाते हैं, जिससे जैव विविधता, वन्यजीव और पर्यावरण की गुणवत्ता को गंभीर क्षति पहुंचती है। वन सुरक्षा के लिए सामुदायिक सहभागिता आवश्यक है और आग की सूचना मिलते ही तुरंत वन विभाग को सूचित किया जाना चाहिए।


इस अवसर पर केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग की नागनाथ रेंज के वन क्षेत्राधिकारी नवल किशोर सिंह नेगी एवं वन दरोगा आनंद सिंह रावत ने वनाग्नि के कारणों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मानवीय लापरवाही—जैसे बिना बुझी माचिस, बीड़ी-सिगरेट फेंकना, जानबूझकर आग लगाना, तेज हवाएं तथा सूखी वनस्पति—वनाग्नि के प्रमुख कारण हैं। उन्होंने कहा कि वन संरक्षण आज की आवश्यकता है और इसके लिए सामूहिक प्रयास एवं जन-जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। वन सुरक्षित रहेंगे तो जन सुरक्षित रहेंगे।
पूर्व प्रधानाचार्य के.एल. टम्टा ने कहा कि हमारे जंगल केवल वन्यजीवों का घर ही नहीं हैं, बल्कि पर्यावरण संतुलन, वर्षा और स्वच्छ हवा के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण हैं, लेकिन हर वर्ष गर्मियों में वनाग्नि इन हरे-भरे जंगलों को राख में बदल देती है।
विद्यालय की अध्यापिका श्रीमती रजनी नेगी ने कहा कि वनाग्नि के लिए प्राकृतिक कारणों की अपेक्षा मानवीय लापरवाही अधिक जिम्मेदार है। घास काटने के लिए आग लगाना, बीड़ी-सिगरेट फेंकना या शिविरों की आग को खुला छोड़ देना वनों को भारी नुकसान पहुंचा रहा है। इसके दुष्परिणाम केवल पेड़ों तक सीमित नहीं रहते, बल्कि मृदा की उर्वरता घटती है, वन्यजीवों का आवास नष्ट होता है और ग्लोबल वार्मिंग भी बढ़ती है।
कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित भाषण प्रतियोगिता में सीनियर वर्ग में कुमारी प्रिया ने प्रथम, कुमारी अवंतिका (कक्षा 11) ने द्वितीय तथा आदित्य ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं जूनियर वर्ग में कुमारी दिव्यांशी प्रथम, कुमारी कोमल द्वितीय और छात्र आदर्श तृतीय स्थान पर रहे। छात्र अरमान ने वन संरक्षण पर अपनी स्वरचित कविता का प्रभावशाली पाठ किया।
इस अवसर पर वन दरोगा आनंद सिंह रावत, वन आरक्षी अमित मैठाणी, दिनेश राणा, हरीश चौहान सहित विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं ज्योति पंत, रजनी नेगी, प्रियंका रावत, मीरा रावत, राज किशोर सैलानी, अनिल कुमार, दिनेश जग्गी, सतीश कुमार, नंदन सिंह पवार, राजपाल रडवाल समेत अन्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान सभी ने वन संरक्षण का संकल्प भी लिया।

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