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अंतरिम व्यापार समझौता : संयुक्त राज्य अमेरिका-भारत का संयुक्त वक्तव्य

The United States of America (United States) and India are pleased to announce that they have reached a framework for an Interim Agreement regarding reciprocal and mutually beneficial trade (Interim Agreement). Today’s framework reaffirms the countries’ commitment to the broader U.S.-India Bilateral Trade Agreement (BTA) negotiations, launched by President Donald J. Trump and Prime Minister Narendra Modi on February 13, 2025, which will include additional market access commitments and support more resilient supply chains. The Interim Agreement between the United States and India will represent a historic milestone in our countries’ partnership, demonstrating a common commitment to reciprocal and balanced trade based on mutual interests and concrete outcomes.

The Union Minister for Commerce and Industry, Shri Piyush Goyal addressing a Press Conference on the India–US Trade Deal at Vanijya Bhawan, in New Delhi on February 07, 2026.

 

संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत को यह घोषणा करते हुए प्रसन्नता हो रही है कि वे पारस्परिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार से संबंधित एक अंतरिम समझौते (अंतरिम समझौता) के ढांचे पर सहमत हो गए हैं। आज का यह ढांचा 13 फरवरी, 2025 को राष्ट्रपति डोनाल्ड जे. ट्रम्प और प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी द्वारा शुरू किए गए व्यापक अमेरिका-भारत द्विपक्षीय व्यापार समझौते (बीटीए) वार्ता के प्रति दोनों देशों की प्रतिबद्धता की पुष्टि करता है जिसमें अतिरिक्त बाजार पहुंच प्रतिबद्धताएं शामिल होंगी और अधिक लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं को बढ़ावा मिलेगा। संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत के बीच यह अंतरिम समझौता हमारे देशों की साझेदारी में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। यह समझौता पारस्परिक हितों और ठोस परिणामों पर आधारित पारस्परिक और संतुलित व्यापार के प्रति साझा प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

अमेरिका और भारत के बीच अंतरिम समझौते की प्रमुख शर्तें निम्नलिखित होंगी:

  • भारत अमेरिका के सभी औद्योगिक सामानों और अमेरिकी खाद्य एवं कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर टैरिफ को समाप्त या कम करेगा। इसमें सूखे डिस्टिलर्स ग्रेन्स (डीडीजी), पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट तथा अन्य उत्पाद शामिल हैं।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका, 2 अप्रैल, 2025 के कार्यकारी आदेश 14257 (बड़े और लगातार वार्षिक अमेरिकी माल व्यापार घाटे में योगदान देने वाली व्यापार प्रथाओं को सुधारने के लिए पारस्परिक टैरिफ के साथ आयातों को विनियमित करना), यथा संशोधित, के तहत भारत में निर्मित वस्तुओं पर 18 प्रतिशत की पारस्परिक टैरिफ दर लागू करेगा, जिसमें वस्त्र और परिधान, चमड़ा और जूते, प्लास्टिक और रबर, जैविक रसायन, घरेलू सजावट, हस्तशिल्प उत्पाद और कुछ मशीनरी शामिल हैं, और अंतरिम समझौते के सफल समापन के अधीन, 5 सितंबर, 2025 के कार्यकारी आदेश 14346 (पारस्परिक टैरिफ की सीमा को संशोधित करना और व्यापार और सुरक्षा समझौतों को लागू करने के लिए प्रक्रियाओं की स्थापना करना), यथा कि संशोधित किया गया है, के अनुरूप भागीदारों के लिए संभावित टैरिफ समायोजन अनुबंध में पहचानी गई वस्तुओं की एक विस्तृत श्रृंखला पर पारस्परिक टैरिफ हटा देगा। इसमें जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स, रत्न और हीरे और विमान के पुर्जे शामिल हैं।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका, भारत के कुछ विमानों और विमान पुर्जों पर लगाए गए उन टैरिफ को भी हटा देगा। यह टैरिफ 8 मार्च, 2018 की उद्घोषणा 9704 (संयुक्त राज्य अमेरिका में एल्युमीनियम के आयात को समायोजित करना), संशोधित रूप में; 8 मार्च, 2018 की उद्घोषणा 9705 (संयुक्त राज्य अमेरिका में इस्‍पात के आयात को समायोजित करना), य‍था संशोधित; और 30 जुलाई, 2025 की उद्घोषणा 10962 (संयुक्त राज्य अमेरिका में तांबे के आयात को समायोजित करना) में उल्लिखित राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को समाप्त करने के लिए लगाए गए थे। इसी प्रकार, अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा आवश्यकताओं के अनुरूप, भारत को उन ऑटोमोबाइल पुर्जों के लिए अधिमान्य टैरिफ दर कोटा प्राप्त होगा जिन पर 17 मई, 2019 के उद्घोषणा 9888 (संयुक्त राज्य अमेरिका में ऑटोमोबाइल और ऑटोमोबाइल पुर्जों के आयात को समायोजित करना), यथा संशोधित उल्लिखित राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों को समाप्त करने के लिए टैरिफ लागू था। फार्मास्यूटिकल्स और फार्मास्युटिकल अवयवों की अमेरिकी धारा 232 जांच के निष्कर्षों के आधार पर, भारत को जेनेरिक फार्मास्यूटिकल्स और अवयवों के संबंध में बातचीत के माध्यम से समाधान प्राप्त होंगे।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत एक दूसरे को अपने-अपने हित के क्षेत्रों में निरंतर आधार पर वरीयता बाजार तक पहुंच प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत ऐसे निर्माण नियम बनाएंगे जो यह सुनिश्चित करेंगे कि समझौते के लाभ मुख्य रूप से संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत को ही प्राप्त हों।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत द्विपक्षीय व्यापार को प्रभावित करने वाली गैर-टैरिफ बाधाओं का समाधान करेंगे। भारत अमेरिकी चिकित्सा उपकरणों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही बाधाओं को दूर करने; अमेरिकी सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) वस्तुओं के लिए बाजार पहुंच में देरी करने या उन पर मात्रात्मक प्रतिबंध लगाने वाली प्रतिबंधात्मक आयात लाइसेंसिंग प्रक्रियाओं को समाप्त करने; और समझौते के लागू होने के छह महीने के भीतर, सकारात्मक परिणाम की दिशा में, यह निर्धारित करने पर सहमत है कि क्या अमेरिकी-विकसित या अंतर्राष्ट्रीय मानक, जिनमें परीक्षण आवश्यकताएं भी शामिल हैं, भारतीय बाजार में प्रवेश करने वाले अमेरिकी निर्यात के लिए चिन्हित क्षेत्रों में स्वीकार्य हैं। लंबे समय से चली आ रही चिंताओं को दूर करने के लिए मिलकर काम करने के महत्व को समझते हुए, भारत अमेरिकी खाद्य और कृषि उत्पादों के व्यापार में लंबे समय से चली आ रही गैर-टैरिफ बाधाओं को दूर करने पर भी सहमत है।
  • लागू तकनीकी विनियमों के अनुपालन को सुगम बनाने के उद्देश्य से, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत पारस्परिक रूप से सहमत क्षेत्रों के लिए अपने-अपने मानकों और अनुरूपता मूल्यांकन प्रक्रियाओं पर चर्चा करेंगे।
  • किसी भी देश द्वारा निर्धारित टैरिफ में किसी भी प्रकार के परिवर्तन की स्थिति में, संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस बात पर सहमत हैं कि दूसरा देश अपनी प्रतिबद्धताओं में परिवर्तन कर सकता है।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत व्यापार समझौता ज्ञापन (बीटीए) की वार्ता के माध्यम से बाजार पहुंच के अवसरों को और अधिक बढ़ाने की दिशा में काम करेंगे। संयुक्त राज्य अमेरिका इस बात की पुष्टि करता है कि वह बीटीए की वार्ता के दौरान भारतीय वस्तुओं पर टैरिफ कम करने के भारत के अनुरोध को ध्यान में रखेगा।
  • संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत आर्थिक सुरक्षा की रूपरेखा को मजबूत करने पर सहमत हुए हैं ताकि आपूर्ति श्रृंखला के लचीलेपन और नवाचार को बढ़ाया जा सके। इसके लिए तीसरे पक्ष की गैर-बाजार नीतियों से निपटने के लिए पूरक कार्रवाई की जाएगी, साथ ही साथ आंतरिक और बाहरी निवेश समीक्षाओं और निर्यात नियंत्रणों पर सहयोग किया जाएगा।
  • भारत अगले 5 वर्षों में अमेरिका से 500 बिलियन डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान के पुर्जे, बहुमूल्य धातुएं, तकनीकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदेगा। भारत और संयुक्त राज्य अमेरिका ग्राफिक्स प्रोसेसिंग यूनिट (जीपीयू) और डेटा केंद्रों में उपयोग होने वाली अन्य वस्तुओं सहित तकनीकी उत्पादों में व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि करेंगे और संयुक्त तकनीकी सहयोग का विस्तार करेंगे।
  • अमेरिका और भारत ने डिजिटल व्यापार में भेदभावपूर्ण या बोझिल व्‍यवस्‍थाओं और अन्य बाधाओं को दूर करने और बीटीए के हिस्से के रूप में मजबूत, महत्वाकांक्षी और पारस्परिक रूप से लाभकारी डिजिटल व्यापार नियमों को प्राप्त करने के लिए एक स्पष्ट मार्ग निर्धारित करने की प्रतिबद्धता जताई है।

संयुक्त राज्य अमेरिका और भारत इस ढांचे को तुरंत लागू करेंगे और अंतरिम समझौते को अंतिम रूप देने की दिशा में काम करेंगे ताकि संदर्भ की शर्तों में सहमत रोडमैप के अनुरूप पारस्परिक रूप से लाभकारी बीटीए को संपन्न किया जा सके।

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