कौशलम ग्रैंड फिनाले–2026 में छात्राओं ने दिखाया हुनर, उद्यमिता का दिया संदेश
पोखरी (राजेश्वरी राणा)। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज पोखरी में एक दिवसीय कौशलम ग्रैंड फिनाले–2026 का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट एवं विशिष्ट अतिथि कौशलम कार्यक्रम के जिला समन्वयक तेजेंद्र रावत ने मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया।
कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना “मां सरस्वती शारदे” तथा स्वागत गीत “मन की वीणा से गुंजित स्वागतम–स्वागतम” से हुई। छात्राओं की सुमधुर प्रस्तुतियों से सभागार का वातावरण भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण बन गया।
इस अवसर पर छात्राओं ने कौशलम कार्यक्रम के अंतर्गत तैयार किए गए विभिन्न उत्पादों, नवाचार आधारित मॉडलों एवं प्रोजेक्ट्स की प्रदर्शनी भी लगाई। मुख्य अतिथि नेहा भट्ट ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर छात्राओं के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 का उद्देश्य शिक्षा को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उसे व्यवहारिक, कौशल आधारित और जीवनोपयोगी बनाना है।

कौशलम कार्यक्रम इसी दिशा में एक सार्थक पहल है। उन्होंने कहा कि कौशलम का लक्ष्य केवल उत्पाद या मॉडल बनाना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में उद्यमशील सोच विकसित करना है, ताकि वे भविष्य में रोजगार तलाशने वाले नहीं, बल्कि रोजगार सृजित करने वाले बन सकें। उन्होंने छात्राओं से उपलब्ध स्थानीय संसाधनों के रचनात्मक उपयोग और आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
विशिष्ट अतिथि जिला समन्वयक तेजेंद्र रावत ने प्रश्नोत्तर संवाद के माध्यम से कौशलम कार्यक्रम की अवधारणा को विस्तार से समझाया। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में बदलती तकनीक, बाजार की प्रतिस्पर्धा और अनिश्चितताओं के दौर में विद्यार्थियों को पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ व्यावहारिक कौशल की भी आवश्यकता है। कौशलम कार्यक्रम विद्यार्थियों में उद्यमशील मानसिकता, नवाचार की सोच, नेतृत्व क्षमता, टीमवर्क और समस्या समाधान जैसे गुण विकसित करता है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में बढ़ते पलायन की समस्या के समाधान में भी यह कार्यक्रम सहायक सिद्ध हो सकता है, यदि विद्यार्थी स्थानीय संसाधनों पर आधारित उद्यम विकसित करें।
विद्यालय की प्रधानाचार्य पूनम रानी नेगी ने कहा कि कौशलम कार्यक्रम विद्यार्थियों को अपने विद्यालय और आसपास की समस्याओं को समझकर उनके समाधान खोजने के लिए प्रेरित करता है। इससे छात्राओं में आत्मविश्वास, संवाद कौशल और नेतृत्व क्षमता का विकास होता है। कार्यक्रम का संचालन प्रवक्ता रेखा पटवाल राणा ने किया। उन्होंने कहा कि भविष्य में तकनीकी प्रभाव के साथ-साथ पर्यावरण असंतुलन और रोजगार की प्रतिस्पर्धा जैसी चुनौतियां भी बढ़ेंगी, ऐसे में विद्यार्थियों को नवाचार और उद्यमिता के लिए तैयार करना समय की आवश्यकता है।
कार्यक्रम में उप शिक्षा अधिकारी नेहा भट्ट, जिला समन्वयक तेजेंद्र रावत, सीएचसी ब्लॉक समन्वयक राहुल विष्ट, विद्यालय प्रबंधन समिति की सचिव पुष्पा चौधरी सहित समस्त अध्यापिकाएं, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के अंत में छात्राओं के उत्कृष्ट प्रयासों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी नवाचार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
