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खटीमा सिविल न्यायालय में अधिवक्ताओं के लिए नए चैम्बर का लोकार्पण

खटीमा, 15 फरवरी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने महाशिवरात्रि के अवसर पर खटीमा सिविल न्यायालय परिसर में अधिवक्ताओं के लिए एक करोड़ रुपये की लागत से निर्मित नए चैम्बर का फीता काटकर और दीप प्रज्वलित कर लोकार्पण किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चैम्बर अधिवक्ताओं के लिए न्यायिक विमर्श और विधि अध्ययन का उपयोगी केंद्र बनेगा, जिससे न्यायिक कार्य अधिक सुगम और त्वरित होंगे। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार न्याय व्यवस्था को पारदर्शी और प्रभावी बनाने के लिए निरंतर सुधार कर रही है, जिसका लाभ आम जनता तक पहुंच रहा है।


मुख्यमंत्री ने बताया कि पुराने और अप्रासंगिक कानूनों को हटाकर भारतीय न्याय संहिता 2023 और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू की गई हैं, जिससे न्यायिक प्रक्रिया अधिक सरल और प्रभावी हुई है। ई-कोर्ट्स परियोजना, नेशनल ज्यूडिशियल डाटा ग्रिड, फास्ट ट्रैक और विशेष अदालतों, महिला एवं बाल अपराधों के लिए त्वरित न्याय तंत्र, ऑनलाइन सुनवाई और डिजिटल केस मैनेजमेंट सिस्टम जैसी पहलों से न्याय व्यवस्था में तकनीक का व्यापक उपयोग बढ़ा है। इससे समय की बचत के साथ-साथ प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी और सुरक्षित हुई हैं।

उन्होंने कहा कि देशभर में बीते वर्षों में लगभग 7 हजार से अधिक अदालतों और 11 हजार आवासीय इकाइयों का निर्माण किया गया है। इसी क्रम में उत्तराखंड में भी न्याय व्यवस्था के आधुनिकीकरण और विधि शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि खटीमा का विकास हर क्षेत्र में किया जाएगा।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं के लिए 20 नए चैम्बर निर्माण हेतु 2 करोड़ 50 लाख रुपये की घोषणा भी की।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, विधायक गोपाल सिंह राणा, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, दर्जा मंत्री अनिल कपूर डब्बू, शंकर कोरंगा, जिला जज सिकंदर कुमार त्यागी, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, अपर जिला जज मंजू सिंह मुंडे, अपर जिलाधिकारी पंकज उपाध्याय, बार एसोसिएशन अध्यक्ष सूरज प्रकाश राणा, सचिव भरत पांडे, अधिवक्ता गोपाल सिंह बिष्ट, के.डी. भट्ट सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता, जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित

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