प्यार सीमाओं से परे : ब्राज़ील में सामूहिक दाम्पत्य की और बढ़ रहे हैं लोग
More people in a still largely conservative and religious nation are rejecting monogamy as they seek new definitions of romance, and of family.

ब्राज़ील में अभी भी बड़े पैमाने पर रूढ़िवादी और धार्मिक राष्ट्र में अधिक लोग एकपत्नीत्व को अस्वीकार कर रहे हैं क्योंकि वे रोमांस और परिवार की नई परिभाषाएँ तलाश रहे हैं।
लेखक: अना योओनोवा | संपादन: जे.एस. रावत (सहयोग: जेमिनी)
तस्वीरें: मारिया मैग्डालेना अरेलागा (रियो डी जनेरियो से विशेष रिपोर्ट)
ब्राजील, एक ऐसा देश जो अपनी कामुक संगीत लयों, फुटबॉल के जुनून और कार्निवाल के चटख रंगों के लिए जाना जाता है, आज एक खामोश लेकिन गहरी सामाजिक क्रांति के दौर से गुजर रहा है। यह क्रांति मैदानों या सड़कों पर नहीं, बल्कि लोगों के ड्राइंग रूम और बेडरूम में हो रही है। एक ऐसा राष्ट्र जहां कैथोलिक धर्म की जड़ें बहुत गहरी हैं और जहां रूढ़िवादी परंपराएं आज भी समाज का आधार हैं, वहां अब ‘एकनिष्ठ प्रेम’ (Monogamy) की सदियों पुरानी परिभाषाओं को चुनौती दी जा रही है। लोग अब ‘पॉलीअमोरी’ यानी बहु-प्रेम के जरिए परिवार और रोमांस के नए मायने तलाश रहे हैं।
सुबह की एक नई तस्वीर
रियो डी जनेरियो के एक रिहाइशी इलाके में सूरज की पहली किरण के साथ एक घर में हलचल शुरू होती है। यह दृश्य पहली नजर में किसी भी खुशहाल मध्यवर्गीय परिवार जैसा लगता है। दो साल की नन्हीं हारी अपनी नींद भरी आंखों को मलते हुए रसोई में आती है और नाश्ता बना रही एक महिला को चूमती है। वह महिला हारी की मां नहीं है, बल्कि उसके माता-पिता की ‘साझी पार्टनर’ यानी प्रेमी है। कुछ ही पलों में हारी के पिता राफेल पिसुरनो और मां इउली डुआर्टे भी वहां पहुंच जाते हैं। वे भी उस महिला का स्वागत एक आत्मीय चुंबन से करते हैं।
यह घर ब्राजील के बदलते सामाजिक ताने-बाने का एक जीवंत उदाहरण है। यहाँ राफेल और इउली के साथ उनकी पॉलीअमरस पार्टनर जेसिका कूरी और एक अन्य प्रेमी विक्टर सौजा भी रहते हैं। रसोई में कोई कॉफी पीस रहा है, तो कोई अंडे फेंट रहा है। यह एक ऐसा परिवार है जिसे समाज की लिखित बंदिशों ने नहीं, बल्कि आपसी पसंद और प्यार ने जोड़ा है। 47 वर्षीय राफेल एक गहरी बात कहते हैं, “जब हमारी हर जरूरत के लिए सिर्फ एक दोस्त काफी नहीं होता, तो हम यह उम्मीद क्यों करें कि एक ही रोमांटिक पार्टनर हमारी सारी शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक जरूरतों को पूरा कर देगा?”
पॉलीएमरी का जश्न मनाने वाली हर महीने की पूल पार्टी।क्या है पॉलीअमोरी? सिद्धांतों की समझ
आम पाठक के लिए ‘पॉलीअमोरी’ शब्द नया हो सकता है, लेकिन इसके पीछे के सिद्धांत बहुत पुराने और मानवीय हैं। पॉलीअमोरी का अर्थ है एक ही समय में एक से अधिक व्यक्तियों के साथ रोमांटिक और भावनात्मक संबंध रखना, लेकिन इसमें सबसे अनिवार्य शर्त यह है कि इसमें शामिल सभी लोगों की पूरी जानकारी और ‘नैतिक सहमति’ (Ethical Consent) होती है।
यह ‘धोखाधड़ी’ या गुपचुप तरीके से किए जाने वाले ‘अफेयर’ से बिल्कुल अलग है। इसके मुख्य स्तंभ निम्नलिखित हैं:
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पारदर्शिता: इसमें कोई भी बात छिपाई नहीं जाती। हर पार्टनर को पता होता है कि उसके अलावा और कौन-कौन इस रिश्ते का हिस्सा है।
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भावनात्मक गहराई: यह केवल ‘कैजुअल सेक्स’ के बारे में नहीं है। इसमें लोग एक-दूसरे के प्रति समर्पित होते हैं, एक-दूसरे का ख्याल रखते हैं और लंबे समय तक साथ निभाने का वादा करते हैं।
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स्वायत्तता (Autonomy): यह विचार कि कोई भी इंसान किसी दूसरे की ‘निजी संपत्ति’ नहीं है। हर व्यक्ति को अपनी भावनाओं को तलाशने की आजादी है।

परंपरा और आधुनिकता का टकराव
ब्राजील में यह बदलाव इतना आसान नहीं है। 21.3 करोड़ की आबादी वाले इस देश में दुनिया के सबसे ज्यादा कैथोलिक रहते हैं। यहाँ चर्च और कट्टरपंथी इवैंजेलिकल समूहों का राजनीति और समाज पर बहुत प्रभाव है। धार्मिक नेताओं के लिए पॉलीअमोरी ‘पारिवारिक मूल्यों’ पर एक सीधा हमला है। यहाँ तक कि वेटिकन से पोप ने भी चेतावनी दी है कि रिश्तों की यह कमजोरी समाज को गर्त में ले जा सकती है।
कानूनी मोर्चा भी कम पेचीदा नहीं है। करीब एक दशक पहले जब एक नोटरी ने तीन लोगों के ‘साझा यूनियन’ को रजिस्टर किया, तो देश में हंगामा मच गया था। आज भी ब्राजील की अदालतों में इस बात को लेकर बहस जारी है कि क्या कानूनन एक से अधिक लोगों को एक परिवार के रूप में मान्यता दी जा सकती है या नहीं। रूढ़िवादी विधायक ऐसे संघों को अवैध बनाने के लिए बिल लाने की तैयारी में हैं।
आखिर क्यों टूट रही हैं एकनिष्ठता की बेड़ियाँ?
समाजशास्त्री और शोधकर्ता इस बदलाव के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण देखते हैं। 46 वर्षीय कार्यकर्ता इलुस्का विवियाने, जो पॉलीअमोरी पर एक लोकप्रिय सोशल मीडिया पेज चलाती हैं, कहती हैं कि यह रिश्तों का एक “अधिक ईमानदार और न्यायपूर्ण” तरीका है।
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ईमानदारी की खोज: कई महिलाएं पुरुषों की बेवफाई से तंग आ चुकी हैं। वे ऐसे रिश्तों को तरजीह दे रही हैं जहाँ कम से कम झूठ न बोला जाए।
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पहचान का विस्तार: बाइसेक्शुअल (उभयलिंगी) और पैनसेक्शुअल लोग अब अपनी पहचान को लेकर अधिक मुखर हैं। वे नहीं चाहते कि समाज उन्हें किसी एक खांचे में फिट करे।
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इंटरनेट का सहारा: पहले जो लोग खुद को अकेला या ‘अजीब’ समझते थे, अब वे इंटरनेट के जरिए एक-दूसरे से जुड़ रहे हैं। रियो में अब इनके लिए बाकायदा ‘पूल पार्टियां’ होती हैं, जहाँ वे बिना किसी डर के अपनी जीवनशैली का जश्न मनाते हैं।

रिश्तों की पेचीदगियां और ‘कंपर्शन’
पॉलीअमोरी का मतलब यह कतई नहीं है कि यहाँ सब कुछ ‘हरा-भरा’ है। जब रिश्तों में लोग बढ़ते हैं, तो उनके साथ आने वाली जटिलताएं भी बढ़ती हैं। 31 वर्षीय राफेला बर्नार्डो विएरा, जिनके दो बॉयफ्रेंड हैं, बताती हैं कि इसमें बहुत अधिक ‘मैनेजमेंट’ और समय की जरूरत होती है।
जब सवाल ‘ईर्ष्या’ (Jealousy) का आता है, तो वे मुस्कराकर कहती हैं, “ईर्ष्या मानवीय है, वह हमेशा होती है। लेकिन हम इसे एक अलग नजरिए से देखते हैं। हम इसे ‘कंपर्शन’ (Compersion) में बदलने की कोशिश करते हैं।” ‘कंपर्शन’ पॉलीअमोरी का एक खास शब्द है, जिसका अर्थ है—अपने पार्टनर को किसी और के साथ खुश देखकर खुशी महसूस करना। यह जलन का ठीक उल्टा है। यह सीखना एक लंबी प्रक्रिया है कि इंसान आपकी संपत्ति नहीं है।
पॉलीअमोरी के विविध रूप
यह हर किसी के लिए एक जैसा नहीं होता। इसके कई प्रकार समाज में देखे जा रहे हैं:
| प्रकार | विवरण |
| पदानुक्रमित (Hierarchical) | इसमें एक ‘प्राइमरी’ पार्टनर (जैसे पति/पत्नी) होता है और बाकी ‘सेकेंडरी’ होते हैं। |
| सोलो पॉलीअमोरी | व्यक्ति अकेला रहता है और अपनी आजादी बरकरार रखते हुए कई लोगों से रिश्ते रखता है। |
| किचन टेबल पॉली | एक ऐसा आदर्श माहौल जहाँ सभी पार्टनर्स और उनके अन्य साथी एक साथ बैठकर नाश्ता कर सकें। |
| ट्रायड या ट्राय कोण | तीन लोगों का एक ऐसा समूह जहाँ तीनों का एक-दूसरे से प्रेम संबंध होता है। |
‘बच्चा पालने के लिए एक गांव चाहिए’
लेख के केंद्र में मौजूद राफेल और इउली के घर लौटते हैं। इउली बताती हैं कि जब वे गर्भवती थीं और जब हारी का जन्म हुआ, तब उनके पार्टनर्स ने एक मजबूत ढाल की तरह उनका साथ दिया। घर के काम से लेकर बच्चे की देखभाल तक, हर चीज साझी थी।
राफेल कहते हैं, “पुरानी कहावत है कि एक बच्चे की परवरिश के लिए पूरे गांव की जरूरत होती है। आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में जहाँ मां-बाप अकेले पड़ जाते हैं, हमारे लिए हमारा यह छोटा सा समूह ही वह गांव है।” यहाँ गुणवत्ता वाला समय भी अलग-अलग होता है। कभी इउली और राफेल साथ बैठकर सोप ओपेरा देखते हैं, तो कभी जेसिका के साथ उनकी ‘डेट नाइट’ बाहर डांस करने की होती है।
एक नई दिशा की ओर
पॉलीअमोरी केवल कामुकता का विषय नहीं है, बल्कि यह अकेलेपन के खिलाफ एक विद्रोह भी है। ब्राजील के ये परिवार दिखा रहे हैं कि प्यार की कोई तयशुदा सरहद नहीं होती। हालांकि समाज की नजरों में ये आज भी ‘अजीब’ या ‘पापी’ हो सकते हैं, लेकिन उनके लिए उनकी सच्चाई उनके रिश्तों की ईमानदारी में है।
जैसा कि जेसिका कूरी कहती हैं, “आप जिसके साथ चाहो बाहर जाओ, जिसके साथ चाहो सो जाओ… बस शर्त इतनी है कि हमारा पसंदीदा टीवी शो मेरे बिना मत देखना।” शायद यही वह नया अनुशासन है, जो भविष्य के परिवारों की नींव रख रहा है।
संदर्भ: यह लेख ब्राजील की वर्तमान सामाजिक स्थिति और ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के इनपुट्स पर आधारित है।
