देवाल बीडीसी की बैठक में लोनिवि अफसर की गैरहाजिरी पर हंगामा, निंदा प्रस्ताव के बाद समाप्त हुआ धरना
– हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट –
थराली, 20 फरबरी। विकासखंड देवाल की पहली बीडीसी बैठक उस समय हंगामेदार हो गई, जब लोक निर्माण विभाग (लोनिवि) थराली के अधिशासी अभियंता के बैठक में अनुपस्थित रहने पर सदस्यों ने सभागार में ही धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। लोनिवि के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने के बाद ही सदस्यों ने धरना समाप्त किया।
ब्लॉक प्रमुख तेजपाल रावत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में सदस्य उमेश मिश्रा ने लोनिवि थराली के अधिशासी अभियंता पर जानबूझकर बैठक में न आने का आरोप लगाते हुए कड़ा रोष व्यक्त किया और सदन में धरने पर बैठ गए। उनके समर्थन में प्रधान संघ अध्यक्ष खिलाप बिष्ट, नरेंद्र बिष्ट, प्रेम सिंह परिहार, मोहन सिंह बिष्ट सहित अन्य सदस्य भी धरने पर बैठ गए।
काफी देर तक प्रमुख और बैठक में मौजूद मुख्य विकास अधिकारी डॉ. अभिषेक त्रिपाठी सदस्यों को समझाते रहे। अंततः लोनिवि के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किए जाने तथा सीडीओ द्वारा लोनिवि के सहायक अभियंता व अवर अभियंताओं को बैठक से बाहर किए जाने के निर्देश के बाद ही धरना समाप्त हुआ।

बैठक में पीएमजीएसवाई के तहत खेता–तोरती, हाट कल्याणी–बेराधार, बोरागाड़–चौड़, लोहाजंग–बांक, सवाड़ सहित अन्य सड़कों की स्थिति पर चर्चा हुई, जिनका जवाब सहायक अभियंता धर्मेंद्र भंडारी ने दिया। ब्रिज एवं रूफ द्वारा देवाल क्षेत्र में निर्मित मोटर पुलों के दोनों ओर अप्रोच सड़कों के निर्माण न होने पर भी सदस्यों ने नाराजगी जताई। इस पर सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को डीपीआर प्रस्तुत करने और शीघ्र अप्रोच सड़क निर्माण के निर्देश देते हुए लापरवाही पर एफआईआर दर्ज कराने की चेतावनी दी।
एनपीसीसी की देवसारी सड़क, मानमती–उदयपुर और मौपाटा सड़कों की बदहाल स्थिति का मुद्दा सुनीता देवी, रमेश गड़िया और रूप सिंह कुंवर ने उठाया। पेयजल समस्याओं पर चर्चा करते हुए उमेश मिश्रा ने अट्ठू, कविता मिश्रा ने देवाल, सुनीता तिवारी ने सरकोट, रमेश गड़िया ने हरमन, चोटिंग, सौरीगाड़ व झलिया गांव, जबकि रूप सिंह कुंवर ने बजेई सोलर पंपिंग पेयजल योजना और मोहन बिष्ट ने मेलमिंड़ा, घेस व पिनाऊ गांवों की जल जीवन मिशन योजनाओं में खामियों की शिकायत की। ब्लॉक प्रमुख ने इन मामलों की जांच के लिए समिति गठित करने की बात कही। इस दौरान जल निगम के ईई अरुण कुमार और जल संस्थान के मुकेश कुमार ने विभागीय जानकारी दी।
विद्युत समस्याओं पर प्रेम परिहार, आलम राम, चमोली देवी और नंदूली बिष्ट ने सवाल उठाए, जिनका उत्तर विद्युत ऊर्जा निगम के सहायक अभियंता अतुल कुमार ने दिया। कविता मिश्रा ने देवाल स्वास्थ्य केंद्र के उच्चीकरण, ब्लॉक में पर्याप्त एनएमओ की तैनाती सहित स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दे उठाए।
सिंचाई विभाग पर चर्चा के दौरान हरेंद्र कोटेड़ी, प्रदीप दानू और कमल गड़िया ने सेलखोला, लौसरी, लिंगड़ी, बलाण, रैन क्षेत्रों में भूस्खलन और चौड़ में सिंचाई नहर न होने की समस्या रखी। अधिशासी अभियंता प्रशांत श्रीवास्तव ने सदस्यों के प्रश्नों का जवाब दिया। शिक्षा विभाग से संबंधित विषयों पर उर्वी दत्त जोशी ने चर्चा की। जानकी देवी ने डिग्री कॉलेज तलौर में नव निर्मित भवन की छत टपकने और शिक्षकों के कार्य क्षेत्र से 15–30 किमी दूर रहने की शिकायत दर्ज कराई।
बैठक में ग्वालदम–नंदकेशरी–देवाल–वांण–तपोवन मोटर मार्ग को लोनिवि से हटाकर बीआरओ को सौंपने की मांग भी उठी। साथ ही श्री नंदा देवी राजजात के आयोजन का विषय चर्चा में रहा। बैठक में मौजूद विधायक भूपाल राम टम्टा ने कहा कि सड़क को बीआरओ को सौंपने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि राजजात यात्रा 2026 या 2027 में होगी, जिसका निर्णय कुरूड़ और नौटी के आयोजकों द्वारा लिया जाएगा। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राजजात से जुड़े विभिन्न निर्माण कार्यों के लिए अब तक सरकार द्वारा लगभग 150 करोड़ रुपये जारी किए जा चुके हैं और कार्य निरंतर जारी रहेंगे।
बैठक में ज्येष्ठ प्रमुख दीपक गड़िया, कनिष्ठ प्रमुख पिंकी देवी, जिला पंचायत सदस्य बलवीर राम, डीडीओ के.के. पंत, बीडीओ जयदीप बैरवाण, कृषि अधिकारी अश्वनी गौतम, बीईओ जगदीश सेमवाल, विधायक प्रतिनिधि सुरेंद्र बिष्ट सहित अनेक अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
