गैरसैण पर विवादित बयान के विरोध में विधायक निवास पहुंचे आंदोलनकारी
देहरादून, 21 फरवरी। गैरसैंण में ऑक्सीजन की कमी संबंधी बयान को लेकर मूल निवास–भू कानून संघर्ष समिति ने कड़ा विरोध दर्ज किया। समिति के पदाधिकारी प्रतीकात्मक विरोध के तहत विधायक हॉस्टल पहुंचे और लैंसडौन विधायक दिलीप सिंह रावत के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, गर्म कपड़े और टोपी लेकर प्रदर्शन किया।
संघर्ष समिति के संयोजक लूशुन टोडरिया ने कहा कि पहाड़ के दुर्गम क्षेत्र से आने वाले विधायक द्वारा भराड़ीसैंण में ऑक्सीजन की कमी जैसे बयान देना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि जिस जनता ने उन्हें विधायक बनाकर भेजा है, ऐसे बयान उसी जनता और पूरे उत्तराखंड का अपमान हैं। टोडरिया ने स्पष्ट किया कि जिन जनप्रतिनिधियों से गैरसैंण के पक्ष में आवाज उठाने की अपेक्षा होती है, यदि वही इस तरह की टिप्पणियां करेंगे तो उनका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
संघर्ष समिति के सचिव राकेश नेगी ने कहा कि यदि किसी विधायक को पर्वतीय राज्य में ऑक्सीजन की कमी और ठंड की समस्या हो रही है, तो उन्हें तत्काल अपने पद से इस्तीफा देकर घर पर आराम करना चाहिए। उन्होंने इसे गैरसैंण और राज्य आंदोलन की भावना के खिलाफ बताया।
राष्ट्रीय रीजनल पार्टी की प्रदेश अध्यक्ष सुलोचना इस्टवाल ने कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की आत्मा है और इसका अपमान राज्य आंदोलनकारियों का अपमान है। उन्होंने विधायक दिलीप सिंह रावत से उत्तराखंड की जनता से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की।
विरोध प्रदर्शन में सामाजिक कार्यकर्ता विपिन नेगी, संघर्ष समिति के महानगर प्रभारी अनिल डोभाल, देवेंद्र हिंडवान, मोहन रावत सहित कई लोग उपस्थित रहे।
