निदेशक प्रारंभिक शिक्षा कार्यालय पर भाजपाईयों के बबाल की कांग्रेस ने की निंदा
देहरादून, 21 फरवरी। रायपुर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक उमेश शर्मा काऊ से जुड़ी एक घटना को लेकर उत्तराखंड कांग्रेस की नेत्री गरिमा मेहरा दसौनी ने चिंता व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि निदेशक प्रारंभिक शिक्षा के कार्यालय में घटित घटनाक्रम दुर्भाग्यपूर्ण है और इससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली से जुड़े कई प्रश्न खड़े होते हैं।
गरिमा मेहरा दसौनी के अनुसार, कार्यालय परिसर में उत्पन्न हुई स्थिति और निदेशक के घायल होने की सूचना गंभीर विषय है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक अधिकारियों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में करने का अधिकार है। ऐसी घटनाएं व्यवस्था और संस्थागत अनुशासन के अनुकूल नहीं मानी जा सकतीं।
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत जिम्मेदारीपूर्ण होती है। उनसे यह अपेक्षा की जाती है कि वे कानून और संवैधानिक मर्यादाओं के भीतर रहकर अपनी बात रखें। किसी भी प्रकार की असहमति या समस्या का समाधान संवाद और संवैधानिक तरीकों से किया जाना चाहिए।
कांग्रेस नेत्री ने प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सरकारी कार्यालयों में कार्यरत अधिकारी और कर्मचारी सुरक्षित महसूस करें। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक संस्थानों में तनावपूर्ण वातावरण बनने से शासन-प्रशासन के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
गरिमा मेहरा दसौनी ने मांग की कि पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और तथ्यपरक जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके। साथ ही घायल अधिकारी को समुचित उपचार और आवश्यक सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अपेक्षा की कि वे मामले का संज्ञान लेते हुए स्थिति पर स्पष्ट रुख रखें और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में कानून और संस्थाओं की गरिमा बनाए रखना सभी की साझा जिम्मेदारी है।
