अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस पर टीएमयू में बहुभाषी भाषण प्रतियोगिता
मुरादाबाद, 21 फरबरी। तीर्थंकर महावीर यूनिवर्सिटी, मुरादाबाद के कॉलेज ऑफ लॉ एंड लीगल स्टडीज़ की ओर से अंतर्राष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के अवसर पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में छात्रों ने हिंदी, अंग्रेज़ी, तमिल, बंगाली, भोजपुरी और ब्रज सहित विभिन्न भाषाओं में अपने विचार प्रस्तुत कर बहुभाषिक संस्कृति की सुंदर झलक पेश की।
कार्यक्रम में लॉ कॉलेज के डीन प्रो. हरवंश दीक्षित ने कहा कि मातृभाषा हमारी सांस्कृतिक पहचान की आधारशिला है और इसके संरक्षण से ही समाज की जड़ें मजबूत होती हैं। प्राचार्य प्रो. एस.के. सिंह ने कहा कि बहुभाषिक शिक्षा नई शिक्षा नीति (एनईपी) की भावना को साकार करती है और विद्यार्थियों के बौद्धिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
भाषण प्रतियोगिता में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले इशू शुक्ला ने कहा कि भाषा केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी पहचान और संस्कृति की आत्मा है। मातृभाषा का सम्मान करना अपने अस्तित्व का सम्मान करना है। द्वितीय स्थान पर रहीं पायल मैत्री ने कहा कि मातृभाषा उनके हृदय की पहली धुन है, जिसमें उनकी आत्मा की संवेदनाएँ बसती हैं। तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले कुनाल बौद्ध ने कहा कि भाषा मनुष्य की अंतरात्मा का दर्पण होती है, जिसके शब्दों में उसके विचारों, भावनाओं और संस्कारों की गहराई दिखाई देती है।
प्रतियोगिता का मूल्यांकन डॉ. अमित वर्मा, डॉ. सुशीम शुक्ला और डॉ. कृष्णा मोहन मालवीय ने किया। कार्यक्रम का संयोजन डॉ. नम्रता जैन द्वारा किया गया।
