शिक्षा निदेशक पर भाजपा विधायक के समर्थकों ने किया हमला
शिक्षक संगठन का अल्टीमेटम; पुलिस जांच शुरू ; कानून व्यवस्था पर फिर उठे सवाल
देहरादून, 22 फरवरी। शिक्षा निदेशालय (नन्हीं दून परिसर) में शुक्रवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब प्राथमिक शिक्षा निदेशक अजय कुमार नौडियाल के कार्यालय में कुछ लोगों द्वारा गाली-गलौज और हाथापाई का आरोप सामने आया। इस घटना को लेकर भाजपा विधायक उमेश शर्मा ‘काऊ’ के समर्थकों पर गंभीर आरोप लगे हैं। मामला सामने आने के बाद प्रदेश की राजनीति और नौकरशाही के बीच तनाव की स्थिति बन गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह विवाद शिक्षकों के स्थानांतरण और कुछ प्रशासनिक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ। विधायक पक्ष का आरोप है कि निदेशक स्तर पर फाइलों को जानबूझकर रोका जा रहा था, जबकि निदेशालय से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि उन पर नियमों के विपरीत निर्णय लेने का दबाव बनाया जा रहा था, जिसे उन्होंने स्वीकार नहीं किया।
वायरल वीडियो में दिखी धक्का-मुक्की
घटना के बाद सामने आए वीडियो और चश्मदीदों के बयान स्थिति की गंभीरता को दर्शाते हैं। वीडियो में कुछ लोग निदेशक के कक्ष में घुसकर तीखी बहस करते, धक्का-मुक्की करते और मेज पर रखे कागजात फेंकते हुए दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यालय में मौजूद कर्मचारियों को बीच-बचाव करना पड़ा।
घटना के तुरंत बाद प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने रायपुर थाने में तहरीर दी। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी साक्ष्यों की बारीकी से जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शिक्षक संगठनों का कड़ा रुख
इस घटना के बाद शिक्षक और कर्मचारी संगठनों में भारी आक्रोश है। राजकीय शिक्षक संघ और सचिवालय संघ ने संयुक्त रूप से घटना की निंदा करते हुए चेतावनी दी है कि यदि 24 घंटे के भीतर दोषियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो प्रदेशभर में शिक्षा विभाग के कार्य ठप कर दिए जाएंगे। शनिवार से कई कर्मचारी काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करा रहे हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं और सरकार का रुख
विपक्षी दल कांग्रेस ने इस घटना को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इसे “सत्ता के अहंकार का परिणाम” बताते हुए कहा कि यह घटना राज्य की प्रशासनिक गरिमा पर सीधा हमला है।
वहीं, मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले की गोपनीय जांच के आदेश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने भी विधायक उमेश शर्मा से पूरे प्रकरण पर स्पष्टीकरण मांगा है।
निदेशालय में सुरक्षा बढ़ी
आज सुबह से ही शिक्षा निदेशालय परिसर में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सचिवालय स्तर पर भी इस मुद्दे को लेकर एक अहम बैठक होने की संभावना है। पूरे घटनाक्रम पर प्रदेशभर की निगाहें टिकी हुई हैं और सभी पक्ष जांच के नतीजों का इंतजार कर रहे हैं।
