स्वर्गीय बलवीर नेगी और राजेश ज्वांठा को विधान सभा ने दे श्रद्धांजलि
पूर्व विधायक स्वर्गीय बलवीर सिंह नेगी के निधन को मुख्यमंत्री ने बताया अपूरणीय क्षति
भराड़ीसैण, 10 मार्च । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा में टिहरी के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व विधायक स्वर्गीय बलवीर सिंह नेगी और राजेश ज्वांठा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को उत्तराखंड की राजनीति और सार्वजनिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि बलवीर सिंह नेगी का पूरा जीवन जनसेवा, सादगी और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टिहरी गढ़वाल जनपद के ग्राम थाती में 8 दिसंबर 1947 को जन्मे बलवीर सिंह नेगी जी साधारण पृष्ठभूमि से निकलकर जनसेवा के क्षेत्र में एक विशिष्ट पहचान बनाने में सफल रहे। 1970 के दशक से ही वे टिहरी क्षेत्र की राजनीति में सक्रिय रहे और जीवन के अंतिम समय तक क्षेत्रीय विकास तथा जनहित के मुद्दों के लिए निरंतर प्रयास करते रहे।
उन्होंने बताया कि स्वर्गीय नेगी भिलंगना क्षेत्र से दो बार ब्लॉक प्रमुख रहे और स्थानीय विकास की मजबूत नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इसके साथ ही वे जिला पंचायत सदस्य भी रहे और ग्रामीण समस्याओं के समाधान के लिए लगातार सक्रिय रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बलवीर सिंह नेगी जी ने लखनऊ विश्वविद्यालय से बी.ए. और एल.एल.बी. की शिक्षा प्राप्त की थी। वे पहली बार वर्ष 1989 में जनता दल के टिकट पर टिहरी विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए। इसके बाद वर्ष 2002 में राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के टिकट पर घनसाली से तथा वर्ष 2007 में कांग्रेस के टिकट पर पुनः विधायक चुने गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 26 जनवरी 2026 को 78 वर्ष की आयु में उनका निधन हो गया।
पूर्व विधायक स्वर्गीय राजेश जुवांठा के निधन को मुख्यमंत्री ने बताया अपूरणीय क्षति
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को विधानसभा में पुरोला के पूर्व विधायक स्वर्गीय राजेश जुवांठा को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके निधन को उत्तराखंड के राजनीतिक और सामाजिक जीवन के लिए अपूरणीय क्षति बताया। उन्होंने कहा कि राजेश जुवांठा जी एक युवा, ऊर्जावान और जनसरोकारों के प्रति प्रतिबद्ध जनप्रतिनिधि थे, जिन्होंने अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन में पूरी मजबूती के साथ उठाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 7 जुलाई 1977 को जनपद उत्तरकाशी के पुरोला क्षेत्र में जन्मे राजेश जुवांठा को जनसेवा के संस्कार अपने परिवार से ही प्राप्त हुए थे। उनके पिता स्वर्गीय बर्फिया लाल जुवांठा जी उत्तर प्रदेश सरकार में पर्वतीय विकास मंत्री रहे, जबकि उनकी माताजी शांति जुवांठा जी विकासनगर नगर पालिका की दो बार अध्यक्ष रहीं।
उन्होंने कहा कि राजेश जुवांठा जी ने इन संस्कारों को आगे बढ़ाते हुए वर्ष 2002 से 2007 तक पुरोला क्षेत्र से क्षेत्र पंचायत सदस्य के रूप में कार्य किया और जमीनी स्तर पर विकास कार्यों को गति दी। इसी जनसंपर्क और सक्रियता के बल पर वर्ष 2007 में वे पुरोला विधानसभा क्षेत्र से विधायक निर्वाचित हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विधायक के रूप में उन्होंने क्षेत्र की समस्याओं और जनहित के मुद्दों को सदन में प्रभावी ढंग से उठाया। वर्ष 2007-08 में वे प्राक्कलन समिति के सदस्य रहे, जबकि वर्ष 2008 से 2010 तक अनुसूचित जाति, जनजाति एवं विमुक्त जाति संबंधी समिति में सदस्य के रूप में कार्य करते हुए वंचित वर्गों की आवाज को मजबूत करने का प्रयास किया।
