बीना बेंजवाल की पुस्तक का दून विश्वविद्यालय में लोकार्पण
देहरादून, 12 अप्रैल। उत्तराखंड की महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों पर आधारित लेखिका बीना बेंजवाल की पुस्तक “उत्तराखण्ड की महिलाएँ : संघर्ष और उपलब्धियों का परिचयात्मक संचयन” का लोकार्पण दून विश्वविद्यालय में आयोजित एक गरिमामय समारोह में किया गया। समारोह की अध्यक्षता प्रसिद्ध गीतकार एवं लोकगायक नरेंद्र सिंह नेगी ने की।
इस अवसर पर नरेंद्र सिंह नेगी ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में विशिष्ट योगदान देने वाली 351 महिलाओं पर आधारित यह पुस्तक शोधार्थियों और पाठकों के लिए एक महत्वपूर्ण संदर्भ ग्रंथ सिद्ध होगी। उन्होंने कहा कि पुस्तक में अनेक ऐसी महिलाओं का उल्लेख किया गया है, जिनके योगदान से समाज परिचित नहीं है। यह पुस्तक समाज का आईना है, जिसमें पहाड़ की कर्मशील नारियों द्वारा रचे गए इतिहास का सजीव चित्रण मिलता है।
समारोह की मुख्य अतिथि दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा कि इस संकलन में राजनीति, शिक्षा, शासन-प्रशासन, पर्यावरण, समाज सेवा, सामाजिक आंदोलन, उद्यमिता, पर्वतारोहण, खेल, योग एवं जीवन कौशल, कला, रंगमंच एवं फिल्म, संगीत, साहित्य, पत्रकारिता तथा विज्ञान जैसे विविध क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली महिलाओं के संघर्ष और उपलब्धियों को समाहित किया गया है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड का समाज महिलाओं के प्रति सहिष्णु रहा है, जिसके कारण यहां की महिलाएं अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने की अद्भुत क्षमता रखती हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के नेतृत्व कौशल का प्रमाण बताते हुए कहा कि यह पुस्तक इस तथ्य का सशक्त दस्तावेज है।
विशिष्ट अतिथि प्रो. जयवंती डिमरी ने कहा कि महिलाओं पर प्रकाशित पुस्तकों में यह अब तक का सबसे बड़ा संकलन है। पुस्तक की लेखिका बीना बेंजवाल ने बताया कि इस संकलन की प्रेरणा उत्तराखंड के महामहिम राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह से प्राप्त हुई। उन्होंने जानकारी दी कि पुस्तक में 60 दिवंगत महिला विभूतियों तथा 291 सक्रिय महिला प्रतिभाओं के जीवन और उपलब्धियों का विवरण शामिल किया गया है।
प्रो. डिमरी ने ‘सिस्टरहुड’ की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि महिलाओं के योगदान का दस्तावेजीकरण आज समय की बड़ी आवश्यकता है। उन्होंने यह भी कहा कि डिजिटल युग में पढ़ने की प्रवृत्ति भले कम हो रही हो, लेकिन पुस्तकों का महत्व हमेशा बना रहेगा। उन्होंने स्वीकार किया कि कुछ चर्चित महिलाओं की जानकारी इस संकलन में शामिल नहीं हो पाई है, जिन्हें आगामी संस्करणों में जोड़ा जाएगा।
कार्यक्रम का संचालन गणेश खुगशाल ‘गणी’ ने किया।
समारोह में डॉ. नन्दकिशोर हटवाल, रमाकान्त बेंजवाल, मदनमोहन डुकलान, कुलानंद घनशाला, शूरवीर सिंह रावत, डॉ. ओम बधाणी, आशीष सुन्दरियाल, सुमित्रा जुगलान, कांता घिल्डियाल, भगवती सुंदरियाल, रश्मि बसलियाल, रक्षा बौड़ाई, बीना कण्डारी, मधुरवादिनी तिवारी, जे.पी. बेंजवाल, सोनिया गैरोला, भारती अंजना कण्डवाल, शांति बिंजोला सहित अनेक साहित्यकार और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
