Front Page

उत्तराखंड में मई–जून में निर्बाध बिजली आपूर्ति के लिए तैयारी तेज, मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश

देहरादून, 27 अप्रैल । मुख्य सचिव श्री आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में राज्य में विद्युत आपूर्ति की वर्तमान स्थिति को लेकर उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में मई और जून के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त विद्युत प्रबंधन के ठोस कदम उठाने के निर्देश दिए गए। मुख्य सचिव ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं पहले से ही सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

बैठक में यूपीसीएल ने विस्तृत प्रस्तुतीकरण के माध्यम से वर्तमान परिदृश्य से अवगत कराया। बताया गया कि देशभर में हीट वेव के कारण बिजली की मांग में तेजी से वृद्धि हुई है। वहीं, अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों के चलते गैस की सीमित उपलब्धता से राज्य के गैस आधारित संयंत्रों का उत्पादन प्रभावित हुआ है। नदियों में जलस्तर घटने से जल विद्युत उत्पादन में भी कमी आई है। चालू वित्तीय वर्ष में औसतन लगभग 5 प्रतिशत मांग वृद्धि दर्ज की जा रही है।

इसके अलावा, उपभोक्ताओं द्वारा इंडक्शन कुकर व अन्य विद्युत उपकरणों के बढ़ते उपयोग से सिस्टम पर अतिरिक्त 50 से 100 मेगावाट का भार बढ़ा है, जिससे पीक आवर्स में दबाव और अधिक हो रहा है।

देश में भीषण गर्मी के चलते बिजली की मांग ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गई है। 24 अप्रैल 2026 को देश की अधिकतम मांग लगभग 252 गीगावाट दर्ज की गई, जो 2024 के लगभग 250 गीगावाट के पूर्व रिकॉर्ड से अधिक है। जून 2025 में यह मांग करीब 242 गीगावाट रही थी, जबकि वित्तीय वर्ष 2026-27 में इसके 270 से 277 गीगावाट तक पहुंचने का अनुमान है। उत्तराखंड में भी 24 और 25 अप्रैल 2026 को अधिकतम मांग क्रमशः 2646 और 2647 मेगावाट दर्ज की गई।

देश के 40 से अधिक शहरों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच चुका है। उत्तर और मध्य भारत में बढ़ती गर्मी के कारण एयर कंडीशनर, कूलर और अन्य उपकरणों के उपयोग में भारी वृद्धि हुई है, जिससे बिजली की मांग में अभूतपूर्व उछाल आया है।

इस बढ़ती मांग के चलते राष्ट्रीय स्तर पर पीक समय में बिजली की उपलब्धता सीमित हो रही है। ऊर्जा एक्सचेंज में अधिकतम ₹10 प्रति यूनिट की दर पर भी पर्याप्त बिजली उपलब्ध नहीं हो पा रही है।

इन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद यूपीसीएल उपभोक्ताओं को यथासंभव निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली आपूर्ति देने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य सरकार के मार्गदर्शन में अग्रिम विद्युत क्रय, कुशल लोड प्रबंधन, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और ग्रिड समन्वय के जरिए आपूर्ति संतुलित रखने के प्रयास किए जा रहे हैं।

राज्य सरकार के प्रयासों से भारत सरकार ने केंद्रीय पूल से अतिरिक्त 150 मेगावाट बिजली उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया है, जिससे आने वाले दिनों में स्थिति और बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, ऊर्जा एक्सचेंज के माध्यम से अग्रिम बिजली खरीद की व्यवस्था भी की गई है, ताकि उपभोक्ताओं पर न्यूनतम असर पड़े।

इसी क्रम में ऊर्जा भवन में यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक और हिमाचल प्रदेश स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड लिमिटेड के अध्यक्ष श्री प्रभोध सक्सेना के बीच शिष्टाचार भेंट हुई। इस दौरान जून 2026 के लिए दोनों राज्यों के बीच बिजली बैंकिंग व्यवस्था के जरिए सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। वार्ता सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है, जिससे भविष्य में राज्य की बिजली आपूर्ति और मजबूत होगी।

यूपीसीएल ने उपभोक्ताओं को आश्वस्त किया है कि इस कठिन समय में भी बिजली आपूर्ति को सुचारु, सुरक्षित और विश्वसनीय बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। साथ ही, उपभोक्ताओं से अपील की गई है कि वे विशेषकर शाम के पीक समय में बिजली का जिम्मेदारीपूर्वक उपयोग करें और अनावश्यक उपकरणों के इस्तेमाल से बचें।

बैठक में प्रमुख सचिव श्री आर. मीनाक्षी सुंदरम, प्रबंध निदेशक यूजेवीएनएल, प्रबंध निदेशक यूपीसीएल, मुख्य अभियंता (वाणिज्य) श्री एन.एस. बिष्ट, अधीक्षण अभियंता (वाणिज्य) श्री नवीन मिश्रा तथा मैसर्स मार्काडोज के श्री आकाश शर्मा उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!