जोशीमठ में भू-धंसाव प्रभावित वार्डों में प्राथमिकता से ट्रीटमेंट कार्य शुरू करने की मांग

ज्योतिर्मठ, 9 मई (कपरुवाण)। जोशीमठ भू-धंसाव त्रासदी के तीन वर्ष बाद ट्रीटमेंट कार्य तो शुरू हो गए हैं, लेकिन कार्यप्रणाली को लेकर स्थानीय स्तर पर विरोध भी शुरू हो गया है। जनप्रतिनिधियों और विभिन्न संगठनों ने एक स्वर में भू-धंसाव से सर्वाधिक प्रभावित वार्डों में प्राथमिकता के आधार पर स्थरीकरण एवं ट्रीटमेंट कार्य शुरू करने की मांग उठाई है।
शुक्रवार को तहसील सभागार में एसडीएम जोशीमठ चंद्रशेखर बशिष्ठ की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में नगर के भविष्य को लेकर सक्रिय विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, पालिकाध्यक्ष देवेश्वरी साह, विभिन्न वार्डों के सभासद, राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि तथा व्यापार संघ के पदाधिकारी उपस्थित रहे।
बैठक में स्लोप स्थरीकरण कार्यों की जिम्मेदारी संभाल रहे लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों ने प्रस्तुतीकरण के माध्यम से प्रभावित क्षेत्रों में प्रस्तावित कार्यों की जानकारी दी। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने सवाल उठाया कि जिन क्षेत्रों को भू-धंसाव के दौरान प्रभावित श्रेणी में चिन्हित नहीं किया गया था, वहां ट्रीटमेंट कार्य करने से सबसे अधिक प्रभावित वार्डों को किस प्रकार सुरक्षा मिलेगी।
इस पर कार्यदायी विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि प्रभावित वार्डों में द्वितीय चरण में ट्रीटमेंट कार्य किए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि उपस्थित प्रतिनिधियों ने इस जवाब पर असंतोष जताते हुए कहा कि मनोहर बाग और सिंहधार जैसे गंभीर रूप से प्रभावित वार्डों में तत्काल कार्य शुरू किए जाने चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित क्षेत्रों को नजरअंदाज कर अन्य स्थानों पर कार्य जारी रखा गया तो उसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
एसडीएम चंद्रशेखर बशिष्ठ ने कार्यदायी विभाग को निर्देश दिए कि मनोहर बाग और सिंहधार वार्डों में भी शीघ्र ट्रीटमेंट कार्य प्रारंभ करने की प्रक्रिया शुरू की जाए।
इधर, राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट ने भी शुक्रवार को जोशीमठ में चल रहे स्थरीकरण कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया और अधिकारियों से आवश्यक जानकारी ली। उन्होंने कार्यदायी विभाग को निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान बीकेटीसी उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल बर्त्वाल तथा महामंत्री विनोद कनवासी सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद
