चाई ग्रामोत्सव: 22 जून से आरम्भ होगा ग्रामोत्सव
By- Devendra Budakoti
हिमालयी क्षेत्र की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण तथा ग्रामीण जीवन के पुनर्जीवन के उद्देश्य से आयोजित होने वाला चाई ग्रामोत्सव इस वर्ष 22, 23 और 24 जून को मनाया जाएगा। अपने 17वें वर्ष में प्रवेश कर चुका यह आयोजन न केवल ग्रामीणों और व्यापक समाज में उत्साह का संचार करता है, बल्कि सतत ग्रामीण विकास के एक सफल मॉडल के रूप में भी स्थापित हो चुका है।
उत्तराखण्ड के पौड़ी गढ़वाल जनपद में प्रसिद्ध पर्यटन स्थल लैंसडाउन के निकट स्थित चाई गाँव में वर्ष 2010 से प्रतिवर्ष ग्रामोत्सव का आयोजन किया जा रहा है। क्षेत्रीय संस्कृति के संरक्षण और ग्रामीण विकास को बढ़ावा देने के दोहरे उद्देश्य से प्रारम्भ हुआ यह उत्सव आज सामुदायिक सहभागिता का एक महत्वपूर्ण मंच बन गया है। प्रत्येक वर्ष अपने मूल गाँव से बाहर रहने वाले ग्रामीण इस अवसर पर अपने घर लौटते हैं, अपनी जड़ों से पुनः जुड़ते हैं तथा गाँव के भविष्य के विकास हेतु विचार–विमर्श और योजनाएँ साझा करते हैं। इस आयोजन में देशभर से सामाजिक कार्यकर्ता, विद्वान, चिंतक और विकास विशेषज्ञ भी भाग लेते हैं।
वर्षों के दौरान चाई ग्रामोत्सव पहाड़ी गाँवों की प्रमुख समस्याओं, विशेषकर पलायन, के समाधान हेतु एक प्रेरणादायी मॉडल के रूप में उभरा है। इसने अनेक लोगों को अपने पैतृक गाँवों से पुनः जुड़ने के लिए प्रेरित किया है तथा नई पीढ़ी में अपनी सांस्कृतिक धरोहर के प्रति गर्व और संरक्षण की भावना विकसित की है। इसकी सफलता से प्रेरित होकर हिमालयी क्षेत्र के अनेक अन्य गाँवों में भी इसी प्रकार के ग्रामोत्सव आयोजित किए जाने लगे हैं, जिससे सामुदायिक नेतृत्व वाले ग्रामीण पुनर्जीवन का एक व्यापक आंदोलन आकार ले रहा है।
तीन दिवसीय आयोजन की तैयारियाँ जोरों पर हैं। ग्रामोत्सव का शुभारम्भ 22 जून को पारंपरिक पूजा–अर्चना एवं कलश यात्रा के साथ होगा। उद्घाटन समारोह में सतपुली नगर पंचायत के अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह चौहान, प्रख्यात समाजसेवी जगदम्बा डंगवाल, नई दिल्ली के शिक्षाविद् मनवर सिंह रावत, जिला पंचायत सदस्य पूनम नेगी तथा जयहरीखाल के ब्लॉक प्रमुख रणवीर सिंह सजवाण सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों के उपस्थित रहने की संभावना है।
आयोजन समिति के अध्यक्ष जगमोहन बुडाकोटी के अनुसार उद्घाटन दिवस का प्रमुख आकर्षण धर्मेन्द्र रावत समूह की सांस्कृतिक प्रस्तुति होगी। 23 जून की संध्या में उत्तराखण्ड संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित विशेष भजन संध्या कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहेगी। उन्होंने क्षेत्रवासियों एवं आगंतुकों से इस अनूठी सामुदायिक पहल में सहभागिता करने और इसे सफल बनाने की अपील की है।
तीनों दिनों के कार्यक्रमों का संचालन डॉ. पद्मेश बुडाकोटी द्वारा किया जाएगा, जो समारोह संचालक (MC-Master of Ceremony) की भूमिका निभाएंगे। चाई ग्राम पंचायत के प्रधान अशोक बुडाकोटी विभिन्न समितियों एवं स्वयंसेवकों के सहयोग से आयोजन की समस्त व्यवस्थाओं का समन्वय कर रहे हैं। इस वर्ष का एक विशेष आकर्षण सांस्कृतिक एवं सामुदायिक कार्यक्रमों के लिए निर्मित नया स्थायी मंच है, जिसका निर्माण बीडीसी सदस्य श्रीमती मीनाक्षी तथा दीपक बुडाकोटी के सहयोग से संभव हो पाया है।
पिछले कुछ वर्षों से समाजशास्त्री देवेन्द्र कुमार बुडाकोटी विभिन्न मंचों पर ग्रामोत्सव की अवधारणा को बढ़ावा दे रहे हैं। वे इसे उत्तराखण्ड के पर्वतीय गाँवों के लिए एक नवाचारी, समुदाय–आधारित और सहभागी विकास मॉडल के रूप में प्रस्तुत करते रहे हैं।
