भारत ने बदला आर्थिक संकेतकों का ढांचा: पहली बार शुरू हुआ ‘उत्पादक मूल्य सूचकांक’ (PPI)
The Office of Economic Adviser, DPIIT is releasing the revised series of WPI with base year 2022-23. The new series will replace the existing series of WPI with base year 2011-12. In addition, the Office is also releasing new series of Output Producer Price Index (OPPI), Trial Input Producer Price Index (IPPI), and Service Producer Price Index (Service PPI) of seven services, viz., Banking, Securities Transaction, Insurance, Management of Pension Funds, Railways, Air (Passenger), and Telecom with the same base year.
आधार वर्ष 2022-23 के साथ WPI की संशोधित श्रृंखला जारी

नयी दिल्ली, 15 जून। देश के आर्थिक संकेतकों को अधिक व्यावहारिक और वैश्विक मानकों के अनुरूप बनाने के लिए वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (DPIIT) ने थोक मूल्य सूचकांक (WPI) की नई संशोधित श्रृंखला जारी की है, जिसका आधार वर्ष बदलकर 2011-12 से 2022-23 कर दिया गया है। वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं और आईएमएफ की सिफारिशों के अनुरूप, इस बार डब्ल्यूपीआई के साथ-साथ उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) की भी नई श्रृंखला शुरू की गई है, जिसमें आउटपुट पीपीआई, इनपुट पीपीआई और सात प्रमुख सेवाओं (बैंकिंग, बीमा, दूरसंचार, रेलवे आदि) के लिए सेवा पीपीआई शामिल हैं। उपयोगकर्ताओं को सुगमता से शिफ्ट होने का समय देने के लिए डब्ल्यूपीआई अगले पांच वर्षों तक पीपीआई के साथ जारी रहेगा और फिर इसे बंद कर दिया जाएगा।

नई श्रृंखला में कमोडिटी बास्केट का विस्तार करते हुए वस्तुओं की संख्या 697 से बढ़ाकर 957 कर दी गई है, साथ ही ‘विद्युत’ समूह में पहली बार सौर, पवन और परमाणु ऊर्जा जैसी हरित ऊर्जा को शामिल किया गया है। इसके अलावा, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस को प्राथमिक वस्तुओं से हटाकर ‘ईंधन और बिजली’ समूह में स्थानांतरित किया गया है, और भार निर्धारण के लिए शुद्ध व्यापार मूल्य के बजाय सकल उत्पादन मूल्य (GVO) का उपयोग किया गया है। नए आंकड़ों के अनुसार, वार्षिक आधार पर मई 2026 में देश की थोक महंगाई दर बढ़कर 9.68 प्रतिशत दर्ज की गई, जो अप्रैल 2026 में 8.26 प्रतिशत थी।

इस अवधि में थोक खाद्य सूचकांक में 4.49 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई, जबकि मुख्य रूप से खनिज तेल, कच्चा पेट्रोलियम, प्राकृतिक गैस, रसायन और बुनियादी धातुओं की कीमतों में आई तेजी इस महंगाई की मुख्य चालक रही। पुरानी और नई श्रृंखला की तुलना के लिए सरकार ने सभी वस्तुओं के लिए 1.53 का लिंकिंग फैक्टर भी जारी किया है, और आगामी जून 2026 के महंगाई आंकड़े मंगलवार, 14 जुलाई 2026 को जारी किए जाएंगे।
