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रिवर ड्रेजिंग से थराली बाजार बेहाल, जाम और पुलों की सुरक्षा को लेकर बढ़ी चिंता


हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 19 जून। चेपड़ों गांव के समीप पिंडर नदी में चल रहे रिवर ड्रेजिंग कार्य का खामियाजा तहसील मुख्यालय थराली के बाजार और स्थानीय लोगों को भुगतना पड़ रहा है। उपखनिज से लदे भारी डंपरों की लगातार आवाजाही के कारण बाजार क्षेत्र में यातायात व्यवस्था चरमरा गई है। व्यापारियों, राहगीरों और स्थानीय नागरिकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि कई बार डंपरों की लंबी कतारों के कारण लोगों की आवाजाही तक बाधित हो जाती है। थराली-देवाल मोटर मार्ग पर पिंडर नदी के ऊपर बने पुराने मोटर पुल से एक साथ कई भारी वाहनों के गुजरने से पुल की सुरक्षा और स्थायित्व पर भी सवाल खड़े होने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि दशकों पुराने इस पुल पर लगातार बढ़ते भार से उसके अस्तित्व पर खतरा मंडराने लगा है। इसके अलावा बाजार क्षेत्र में हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।

स्थानीय नागरिकों के अनुसार पिछले लगभग दो महीनों से चेपड़ों गांव के पास पिंडर नदी में रिवर ड्रेजिंग का कार्य चल रहा है। उपखनिज ढोने वाले डंपरों की दिनभर आवाजाही से थराली बाजार में जाम की समस्या आम हो गई है। कई बार एक साथ पांच से छह भारी वाहन पुल से गुजरते देखे जा सकते हैं, जिससे पुल की भार क्षमता को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वर्ष 2013 की आपदा में क्षतिग्रस्त हो चुके इस पुल पर लगातार भारी वाहनों का दबाव स्थानीय लोगों को चिंतित कर रहा है।

व्यापारियों का आरोप है कि डंपरों से उड़ने वाली धूल के कारण फल, सब्जियां, खाद्य सामग्री, कपड़े तथा अन्य सामान प्रभावित हो रहे हैं। इससे व्यापार पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है। बाजार में खरीदारी के लिए आने वाले लोगों को भी असुविधा झेलनी पड़ रही है। कई बार लगातार गुजरते डंपरों के कारण पैदल चलना तक मुश्किल हो जाता है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस संबंध में कई बार पुलिस और प्रशासन को शिकायतें तथा ज्ञापन दिए गए, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। लोगों ने मांग की है कि भारी वाहनों की आवाजाही के लिए निश्चित समय निर्धारित किया जाए, एक साथ कई डंपरों के गुजरने पर रोक लगाई जाए तथा पुल की तकनीकी जांच कर उसकी वास्तविक भार क्षमता का आकलन कराया जाए। उनका कहना है कि यदि समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए तो पुल को क्षति पहुंच सकती है, जिससे भविष्य में यातायात पूरी तरह बाधित होने का खतरा पैदा हो सकता है।

अब लोगों की निगाहें पुलिस, प्रशासन और लोक निर्माण विभाग पर टिकी हैं कि वे थराली बाजार में बढ़ती जाम की समस्या से व्यापारियों और आम जनता को कब राहत दिलाते हैं तथा पुराने पुलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
जाम से आम जनता हो रही परेशान
पिछले लगभग दो माह से चेपड़ों क्षेत्र में चल रही रिवर ड्रेजिंग के कारण केवल थराली बाजार ही नहीं, बल्कि देवाल तिराहे से लेकर चेपड़ों बाजार तक कई स्थानों पर आए दिन जाम की स्थिति बन रही है। इसके चलते आम नागरिकों, यात्रियों और अन्य वाहन चालकों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
पुलों की सुरक्षा के लिए प्रशासन को लिखा जाएगा पत्र 
थराली-देवाल-वाण मोटर मार्ग पर थराली बाजार में पिंडर नदी के ऊपर बने मोटर पुल तथा राड़ीबगड़ के समीप सुयालगाड़ गदेरे पर बने पुल में क्षमता से अधिक भार वाले वाहनों की आवाजाही पर रोक लगाने के लिए पुलिस एवं प्रशासन को पत्र भेजा जाएगा। ताकि इन पुलों को लंबे समय तक सुरक्षित रखा जा सके और आवागमन सुचारु रूप से जारी रहे।
मनीष डोगरा
अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग, थराली

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