आपदा/दुर्घटना

सिलक्यारा टनल हादसा: सुरक्षा मानकों की होगी व्यापक समीक्षा, मृतक के परिजनों को तत्काल सहायता के निर्देश

देहरादून, 16 जुलाई । मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने उत्तरकाशी की सिलक्यारा टनल में बुधवार देर रात शॉटक्रीट (Shotcrete) का एक हिस्सा गिरने से हुए हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार श्रमिकों की सुरक्षा के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है और घटना में मृतक के परिजनों को नियमानुसार तत्काल मुआवजा तथा हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

मुख्यमंत्री के निर्देश पर सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन ने एनएचआईडीसीएल (NHIDCL) तथा जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक कर घटना की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों, टनल के भीतर सुरक्षा व्यवस्था तथा लागू सुरक्षा मानकों की समीक्षा की और हादसे के कारणों की विस्तार से जानकारी प्राप्त की।

सचिव विनोद कुमार सुमन ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मृतक के पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उसके गृह जनपद तक पहुंचाने की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाए।

बैठक में सचिव ने घटना की पुनरावृत्ति रोकने के लिए अपनाए जाने वाले अतिरिक्त सुरक्षा उपायों पर भी विस्तार से चर्चा की। उन्होंने निर्देश दिए कि हादसे के प्रत्येक पहलू की गंभीरता से जांच की जाए तथा टनल निर्माण में अपनाए जा रहे सभी तकनीकी और सुरक्षा मानकों का पुनर्मूल्यांकन किया जाए।

सचिव ने टनल निर्माण एवं संचालन से संबंधित वर्तमान मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) की भी विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों और संभावित जोखिमों को देखते हुए एसओपी का व्यापक पुनरीक्षण कर आवश्यक संशोधन किए जाएं, ताकि आपात स्थिति में सभी संबंधित एजेंसियां प्रभावी और समन्वित ढंग से कार्रवाई कर सकें।

उन्होंने जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, अग्निशमन सेवा, आपदा प्रबंधन विभाग, एनएचआईडीसीएल तथा अन्य तकनीकी एवं कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय स्थापित कर एसओपी को अद्यतन करने के निर्देश दिए। साथ ही टनल के भीतर उन सभी हिस्सों और संरचनाओं का विशेष निरीक्षण कराने को कहा, जहां गिरने या क्षतिग्रस्त होने की आशंका हो। उन्होंने निर्देश दिए कि संभावित जोखिम वाले क्षेत्रों की तत्काल पहचान कर आवश्यक सुरक्षात्मक और निवारक उपाय किए जाएं, ताकि निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों एवं अन्य कार्मिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (प्रशासन) प्रकाश चंद्र, जिलाधिकारी उत्तरकाशी प्रशांत आर्य, अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी (क्रियान्वयन) एवं डीआईजी राजकुमार नेगी, संयुक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी दिनेश कुमार पुनेठा सहित एनएचआईडीसीएल और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

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