चुंबकीय वृक्ष अवधारणा शोधकर्ताओं को सूर्य के ऊपरी वायुमंडल में छिपे प्रवाह को उजागर करने में मदद करती है

For many years, scientists have known that the Sun has a slow but steady flow of hot gas, or plasma, that moves from its equator toward the poles. This movement, known as the meridional flow, acts like a giant conveyor belt, helping transport the Sun’s magnetic fields across its surface. It plays an important role in controlling the Sun’s 11-year solar cycle, which influences the appearance of sunspots and other forms of solar activity. Until now, however, this flow had only been observed in the Sun’s lower atmospheric layers.
By- Jyoti Rawat
शोधकर्ताओं ने सूर्य की सतह और उसकी ऊपरी परतों के बीच एक छिपे हुए सम्बंध का खुलासा किया है। इसके साथ पृथ्वी पर उपग्रहों, संचार प्रणालियों, नौवहन नेटवर्क और यहां तक कि बिजली ग्रिड को भी प्रभावित करते अंतरिक्ष मौसम को समझने में नए आयाम जुड़े हुए हैं।
कई वर्षों से वैज्ञानिकों को यह पता है कि सूर्य में गर्म गैस, या प्लाज्मा का एक धीमा लेकिन स्थिर प्रवाह होता है। यह भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर बढ़ता है। यह मेरिडियनल प्रवाह के नाम की गति के रूप में जाना जाता है जो एक विशाल कन्वेयर बेल्ट की तरह काम करती है। यह सूर्य के चुंबकीय क्षेत्रों को उसकी सतह पर स्थानांतरित करने में मदद करती है। यह सूर्य के 11 वर्षीय सौर चक्र को नियंत्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इससे सूर्य के धब्बों और अन्य प्रकार की सौर गतिविधियों की उपस्थिति को प्रभावित होती है। हालांकि, अब तक इस प्रवाह को केवल सूर्य की निचली वायुमंडलीय परतों में ही देखा गया था।
विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) के अधीन एक स्वायत्त संस्थान, आर्यभट्ट अनुसंधान संस्थान (एआरआईएस) के वैज्ञानिकों के नेतृत्व में किए गए एक नए अध्ययन में, भौतिक अनुसंधान प्रयोगशाला (पीआरएल), भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली (आईआईटी दिल्ली), भारतीय अंतरिक्ष विज्ञान और प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईएसटी) और नासा के गोडार्ड अंतरिक्ष उड़ान केंद्र के शोधकर्ताओं के साथ मिलकर, यह दिखाया गया है कि प्लाज्मा की धीमी गति सूर्य के वायुमंडल में पहले की तुलना में कहीं अधिक ऊंचाई तक जारी रहती है। इससे सूर्य की सतह और उसकी ऊपरी परतों के बीच एक अंतर्निहित सम्बंध का पता चलता है।
एरीज़ की सुश्री श्रींजना राउत ने अन्य शोधकर्ताओं के साथ मिलकर जापान के नोबेयामा रेडियोहेलियोग्राफ द्वारा एकत्रित 27 वर्षों के रेडियो प्रेक्षणों का विश्लेषण किया। उनके अध्ययन से पहली बार यह स्पष्ट प्रमाण मिला है कि सूर्य की दृश्य सतह से लगभग 3,000 किलोमीटर ऊपर, ऊपरी क्रोमोस्फीयर नामक क्षेत्र में ध्रुवों की ओर प्रवाह होता है। यह खोज विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इतनी ऊंचाई पर सूर्य का चुंबकीय क्षेत्र प्लाज्मा की गति को प्रबल रूप से प्रभावित करता है। इसलिए, ये निष्कर्ष सौर वायुमंडल में चुंबकीय क्षेत्र और प्लाज्मा की परस्पर क्रिया के बारे में नई अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं।
सूर्य के धब्बों या चुंबकीय विशेषताओं पर अलग-अलग नज़र रखने के बजाय, टीम ने एक नई छवि-सम्बंधित तकनीक विकसित की। उन्होंने एक-एक दिन के अंतराल पर ली गई सूर्य की हज़ारों पूर्ण-डिस्क रेडियो छवियों की तुलना की और लगभग तीन दशकों में चमक के तरीके में हुए सूक्ष्म बदलावों को मापा। इस विधि का उपयोग करके, वे सूर्य के वायुमंडल में पदार्थों की व्यापक गति का मानचित्रण करने में सक्षम हुए।
शोधकर्ताओं ने पता लगाया कि ऊपरी क्रोमोस्फीयर में प्लाज्मा लगभग 5 से 15 मीटर प्रति सेकंड की गति से ध्रुवों की ओर बढ़ता है। यह सूर्य की गहरी परतों में मापी गई गति के समान है। उन्होंने यह भी देखा कि सौर चक्र के दौरान प्रवाह में परिवर्तन होता है। कुछ अवधियों में, उत्तरी और दक्षिणी गोलार्ध अलग-अलग व्यवहार करते हैं, यह इस बात पर निर्भर करता है कि कौन सा गोलार्ध अधिक चुंबकीय रूप से सक्रिय है।
रेडियो प्रेक्षणों की तुलना सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र के दीर्घकालिक मानचित्रों से करने पर सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्षों में से एक सामने आया। रेडियो छवियों में दिखाई देने वाली चमकीली आकृतियां चुंबकीय क्षेत्रों के संचरण के साथ-साथ ध्रुवों की ओर गति करती पाई गईं। यह मजबूत सम्बंध दर्शाता है कि सूर्य के वायुमंडल में ऊपरी भाग में देखी गई संरचनाएँ सूर्य के भीतर बहुत गहराई में स्थित चुंबकीय क्षेत्रों से जुड़ी रहती हैं।
ये परिणाम लंबे समय से चली आ रही “चुंबकीय वृक्ष” (शोधकर्ताओं द्वारा सूर्य के ऊपरी वायुमंडल और उसकी सतह के बीच के गहरे संबंधों को समझने के लिए अवधारणा) परिकल्पना के लिए मजबूत अवलोकन सम्बंधी प्रमाण प्रदान करते हैं। इसके अनुसार सूर्य की सतह से काफी ऊपर तक फैली चुंबकीय संरचनाएं गहरी परतों से उसी तरह जुड़ी होती हैं जैसे एक पेड़ की शाखाएं उसके तने और जड़ों से जुड़ी रहती हैं।
इससे पता चलता है कि सूर्य का ऊपरी वायुमंडल नीचे की परतों से अलग-थलग नहीं है, बल्कि सूर्य के भीतर गहराई में होने वाली गतियों के बारे में जानकारी सहेज कर रखता है।
सूर्य के भीतर प्लाज्मा और चुंबकीय क्षेत्रों की गति को समझना आवश्यक है क्योंकि ये प्रक्रियाएं सौर गतिविधि को संचालित करती हैं और सौर तूफानों और अन्य अंतरिक्ष-मौसम सम्बंधी घटनाओं को प्रभावित करती हैं।
द एस्ट्रोफिजिकल जर्नल में प्रकाशित यह अध्ययन रेडियो खगोल विज्ञान के माध्यम से सूर्य की आंतरिक गतिशीलता का अध्ययन करने का एक नया मार्ग प्रशस्त करता है। यह शोध दर्शाता है कि सूर्य का ऊपरी वायुमंडल सतह के बहुत नीचे होने वाले व्यापक प्रवाहों को प्रतिबिंबित करता है। इससे सौर डायनेमो (सूर्य के चुंबकीय क्षेत्र को उत्पन्न करने और उसके गतिविधि चक्र को शक्ति प्रदान करने वाली प्रक्रिया) के अध्ययन के लिए एक महत्वपूर्ण नया उपकरण उपलब्ध होता है।
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प्रकाशन लिंक: https://iopscience.iop.org/article/10.3847/1538-4357/ae69dc
