रेखा आर्य के पति ने किया पलटवार, पूछा 210 करोड़ की संपत्ति कहाँ से आई
देहरादून, 17 अक्टूबर। उत्तराखंड की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या और उनके पति गिरधारी लाल साहू के बीच चल रहा पारिवारिक विवाद अब एक बड़े सियासी और सार्वजनिक घमासान में तब्दील हो गया है। मंत्री रेखा आर्या द्वारा कैंट थाने में पति के खिलाफ मारपीट, घरेलू हिंसा, उत्पीड़न और जान से मारने की धमकी जैसी धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने के बाद, अब उनके पति गिरधारी लाल साहू ने इंटरनेट मीडिया पर वीडियो जारी कर मंत्री पर जोरदार पलटवार किया है। साहू ने अपनी पत्नी पर भ्रष्टाचार के बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए दावा किया है कि मंत्री ने 210 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की है। उन्होंने तीखा सवाल उठाया कि जिस महिला के पास कभी कुछ नहीं था, उसके पास 210 करोड़ रुपये की संपत्ति कहां से आई, यह एक बड़ी जांच का विषय है।
अपने बचाव और पलटवार में साहू ने इंटरनेट मीडिया पर उनके खिलाफ प्रसारित हो रहे एक कथित ऑडियो को पूरी तरह से फर्जी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) द्वारा तैयार किया हुआ बताया है। उनका आरोप है कि मंत्री ने अपनी पूर्व महिला मैनेजर को भी झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भिजवाया था और अब फर्जी ऑडियो का सहारा ले रही हैं। वीडियो में साहू ने मंत्री के राजनीतिक सफर में अपने 17 वर्षों के संघर्ष और सहयोग का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने चुनाव लड़ाने के लिए अपनी जमीनें तक बेचीं, लेकिन जब उन्होंने आगे पैसे देने से मना कर दिया, तो मंत्री ने नाराज होकर उनके खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। साहू ने मंत्री पर हत्या की साजिश रचने, पहली शादी व बच्चों की बात छिपाने, शारीरिक व मानसिक प्रताड़ना देने और फर्जी हस्ताक्षर कर उन्हें (साहू को) कंपनियों के डायरेक्टर पद से हटाने जैसे गंभीर आरोप भी जड़े हैं। गोलू देवता की कसम खाते हुए साहू ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से पूरे मामले और भ्रष्टाचार के आरोपों की निष्पक्ष जांच की मांग की है, और चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वह न्याय के लिए हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट भी जाएंगे।
दूसरी ओर, प्रशासन ने इस मामले में सख्त रुख अपनाया है। मंत्री रेखा आर्या की ओर से दर्ज कराई गई प्राथमिकी की जांच के लिए एसएसपी ने एसपी देहात जया बलोनी के नेतृत्व में 10 सदस्यीय एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया है जो सभी आरोपों की गहनता से जांच करेगी। इस बीच, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या देहरादून के कृष्णा मेडिकल सेंटर में भर्ती हैं, जहां उच्च रक्तचाप और दिल की धड़कन तेज होने की शिकायत के बाद उनका उपचार चल रहा है और फिलहाल उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने भी अस्पताल पहुंचकर मंत्री का हाल जाना और मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए पुलिस को निष्पक्ष, पारदर्शी व कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इस पूरे हाई-प्रोफाइल प्रकरण पर सियासत भी गरमा गई है और मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस ने सरकार को घेरते हुए मंत्री पर लगे 210 करोड़ रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों की तटस्थ और निष्पक्ष जांच कराने की पुरजोर मांग की है।

