ऋषिकेश बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर अनगिनत गड्ढों से परेशान हैँ वाहन चालक
-गौचर से दिग्पाल गुसाईं –
राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की घोर लापरवाही के चलते ऋषिकेश बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग पर जगह जगह गड्ढों में तब्दील होने से वाहनों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
केंद्र सरकार के ड्रीम प्रोजेक्ट में सुमार ऋषिकेश बद्रीनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग का इन दिनों बुरा हाल है। कई जगहों पर पता भी नहीं चल रहा कि गड्ढों के ऊपर सड़क है या सड़क के ऊपर गड्ढे। धामों के लिए द्वितीय चरण की यात्रा ने गति पकड़ना शुरू कर दिया है। लेकिन जिस प्रकार से वाहन हिचकोले खाकर गुजर रहे हैं। कई जगहों पर हल्के वाहन तो जमीन पर घिसटकर निकलने से वाहनों को नुक़सान भी उठाना पड़ रहा है।
लेकिन ताजुब तो इस बात का है कि सब जानते हुए भी शासन प्रशासन क्यों मौन साधे हुए है यह बात किसी के समझ में नहीं आ है। इससे देश में गलत संदेश जाना स्वाभाविक है। जनपद चमोली की सीमा पर कमेड़ा से आगे जहां जगह सड़क धंसी हुई है वहीं सड़क किनारे नाली न होने से पानी सड़क पर बहने से सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है। जब तक यह मार्ग सीमा सड़क संगठन के अधीन था तब ऐसी नौबत देखने को नहीं मिलती थी। लेकिन जब से यह राष्ट्रीय राजमार्ग एन एच ई डी सी एल के सुपुर्द हुआ है तबसे जनता को तमाम परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
आखिर जनता यह भी नहीं समझ पा रही है कि शिकायत करें तो किस से करें। व्यापार संघ अध्यक्ष राकेश लिंगवाल का कहना है कि जनपद चमोली के प्रवेश द्वार पर स्थित गौचर पालिका क्षेत्र की सड़क किनारे आजतक एक ओर की नाली का निर्माण न होने से बारिश का पानी दुकानों में घुसने से दुकानदार खासे परेशान हैं। दूसरी ओर जो नाली बनाई गई है उसके निर्माण के समय पानी की निकासी का ध्यान नहीं रखा गया है। जिस वजह से नाली में पानी इकट्ठा होने से गंदगी का वातावरण भी बन गया है।
यही नहीं नाली का लेवल सड़क से ऊपर होने की वजह से जहां दुकानदारों के साथ ही आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है वहीं नाली को ऊपर से बंद कर दिए जाने से नाली की सफाई भी नहीं हो पा रही है। इसकी शिकायत कई बार एन एच ई डी सी एल के अधिकारियों से की गई लेकिन कोई सुनने को तैयार नहीं है। जिसका खामियाजा क्षेत्र की जनता को भुगतना पड़ रहा है।
