पिथौरागढ़ के कांग्रेस नेताओं को पुलिस धारा 111 के अन्तर्गत नोटिस दिये जाने का विरोध
देहरादून, 8 अक्टूबर । उत्तराखण्ड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने पिथौरागढ़ में कांग्रेस नेताओं को पुलिस प्रशासन द्वारा धारा 111 के अन्तर्गत नोटिस दिये जाने की कडे़ शब्दों में निदा की है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी का विरोध करना अपराध नही है।
रविवार को जारी एक बयान में करन महरा ने कहा कि राज्य सरकार के इशारे पर जिस तरह से कांग्रेस के नेता महेन्द्र सिंह लुण्ठी, मुकेश पन्त, भुवन पाण्डेय, चंचल बोरा, करन सिंह, अभिषेक बोहरा ऋषभ कल्पासी को नोटिस दिये गये हैं वह लोकतंत्र का खुला मजाक है। उन्होंने कहा कि केन्द्र व राज्य सरकार लगातार विपक्ष के नेताओं को चुनकर-चुनचुन तारगेट कर परेशान कर रही है। परन्तु कांग्रेस पार्टी उनके इस मंसूबे को सफल नही होने देगी। उन्होंने कहा यदि कांग्रेस नेताओं को शीघ्र नही छोड़ा गया तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक लड़ाई लड़ने का काम करेगी।
करन माहरा ने कहा यदि राज्य और केन्द्र सरकार में हिम्मत है तो उत्तराखण्ड की बेटी अंकित भण्डारी के बीआईपी का खुलासा करे। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा सरकार कांग्रेस कार्यकर्ताओं को इस प्रकार डराने, धमकाने का काम करेगी तो कांग्रेस पार्टी ईट का जवाब पत्थर से देगी। उन्होंने कहा भाजपा सरकार अपनी विफलता को को छुपाने के लिए इस तरह के हथकंडे अपना रही है। इससे कांग्रेस के कार्यकर्ता डरने वाले नही हैं हम और मजबूती के साथ केन्द्र और राज्य सरकार की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ जोरदार ढग से लड़ाई लडेंगे। उन्होंने कहा भाजपा के शासनकाल में लगातार महिलाओं, अल्पसंख्को, दलितों एवं बेरोजगारों पर अत्चाचार हो रहे हैं। भाजपा सरकार को सबसे पहले जनता को इसका जववा देना चाहिए। उन्होंने कहा बेरोजगारों के हक में डांका डालने वाले भाजपा के लोग खुलेआम घूम रहे है। भाजपा सरकार इसका जवाब नही दे पा रही है। उन्होंने भाजपा की केन्द्र सरकार पर देश की परिसम्पत्तियों को अपने चहेते लोगों को बेचकर मुनाफा कमाने आरोप लगाया।
