थराली-देवाल-वांण मार्ग पर क्षतिग्रस्त मोटर पुल पर फिर से दौड़ने लगेंगे भारी वाहन

-रिपोर्ट हरेंद्र बिष्ट-
थराली, 27 अक्टूबर। आगामी 2 नवंबर को पिंडर घाटी की लाइफ लाइन मानी जाने वाली थराली-देवाल-वांण मोटर रोड पर पिंडर नदी पर क्षतिग्रस्त मोटर पुल पर एक बार फिर से पौने छह महीने बाद वाहन दौड़ने लगेंगे। जिससे जिला मुख्यालय, राजधानी सहित गढ़वाल मंडल के अन्य क्षेत्रों में आवागमन करने वाले लोगों का एक से डेढ़ घंटा पहले की तरह बच जाएगा।
दरअसल इसी वर्ष 25 मई को थराली -देवाल राजमार्ग पर थराली बाजार में पिंडर नदी के ऊपर बने मोटर पुल का डेक क्षतिग्रस्त हो गया था।जिस कारण इस पुल को सभी तरह के चौपहिया वाहनों के आवागमन के लिए बंद कर दिया गया था।बाद में क्षतिग्रस्त डेक के ऊपर लोहे की चादरों को डाल कर इस पुल को छोटे वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया गया था। किंतु इस पुल को बड़े वाहनों की आवाजाही के लिए बंद ही रखा गया था जोकि अब भी जारी हैं।इसके बाद इसी महीने की 4 तारीख को इस पुल पर मरम्मत का कार्य शुरू होने के चलते इस पर सभी वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से बंद कर दी गई थी। जोकि आज तक भी बंद ही है ।
थराली पुल पर आवागमन पूरी तरह से बंद होने का सर्वाधिक प्रभाव पूरे देवाल विकासखंड के साथ ही आधे से अधिक थराली विकासखंड के नागरिकों पर पड़ रहा हैं।इन ब्लाकों के नागरिकों को जिला मुख्यालय गोपेश्वर, राजधानी देहरादून सहित गढ़वाल मंडल के अन्य क्षेत्रों से आने जाने के लिए 25 से लेकर 40 किमी की अतिरिक्त दूरी 50 से 100 रूपए अतिरिक्त व्यय एवं एक से डेढ़ घंटा अतिरिक्त गंवा कर अपना आवागमन करने पर मजबूर होना पड़ रहा था।
अब जबकि पुल का मरम्मत कार्य पूर्ण हो चुका हैं। पुल को वाहनों के संचालन के लिए खोल दिए जाने से नागरिकों को तमाम तरह की आवागमन की समस्याओं से निजात मिल जाएगी।
———
निर्माण खंड लोनिवि थराली के अधिशासी अभियंता दिनेश मोहन गुप्ता ने बताया कि 4 अक्टूबर को पुल को पूरी तरह वाहनों के लिए बंद कर दिया गया था।इस दौरान पुनर्निर्माण के तहत पुल के क्षतिग्रस्त डेक का मरम्मत कार्य कर उस पर नया स्लैब डाला जा चुका हैं। सीमेंट सेट होने का इंतजार किया जा रहा हैं। मानकों के अनुरूप 1 नवंबर तक सीमेंट पूरी तरह से सैट हो जाएगा और 2 नवंबर को इस पुल को एक बार फिर से वाहनों के आवागमन के लिए खोल दिया जाएगा।
