सिलक्यारा जैसे हादसों को रोकने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन
देहरादून 25 नवम्बर। उत्तरकाशी के सिल्यकारा टनल में फसे मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकालने तथा राज्य पहाड़ी क्षेत्रों में पहाड़ों के नीचे बनी रही सुंंरगों की समीक्षा तथा भीमकाय परियोजनाओं की समीक्षा की मांग को लेकर विभिन्न राजनैतिक दलों तथा सामाजिक संगठनों ने देहरादून जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन प्रेषित किया ।
ज्ञापन में कहा गया कि हमारे राज्य में हर बर्ष इस प्रकार की घटनाओं में निरन्तर बृध्दि के परिणामस्वरूप आये दिन मजदूरों एवं आमजन को अपनी जान गवानी पड़ रही है।
बर्ष 2013 केदारनाथ की त्रासदी , 2021 में जोशीमठ ब्लॉक में धौली गंगा पटोजेक्ट की टनल में 204 मजदूरों का जिन्दा दफन होने की घटनाएं घट चुकी हैं ।निरन्तर त्रासदियों के बावजूद भी पहाड़ों व नदियों के साथ भीमकाय परियोजनाओं के नाम पर छेड़छाड़ के परिणामस्वरूप से निरन्तर दुर्घटनाऐं हो रही हैं। लिहाजा पहाड़ की परिस्थितिकी के अनुकूल ही यहाँ परियोजनाएं संचालित की जायँ।
ज्ञापन देने वालों सीपीआईएम के जिलासचिव राजेन्द्र पुरोहित, देहरादून सचिव अनन्त आकाश, सीपीआई के नेता अशोक शर्मा, जेडीएस के अध्यक्ष हरजिंदर सिंह, एटक से एस एस रजवार , इफ्टा से हरिओम पाली, सीटू से लेखराज, भगवन्त पयार, रविन्द्र नौडियाल, पीपुल्स फोरम के संयोजक जयकृत कण्डवाल ,पहाड़ी पार्टी के नेता महेंद्र नेगी ,भारत सेवक समाज के मंजूर वेग एवं उत्तराखण्ड आन्दोलनकारी परिषद के सुरेश कुमार आदि शामिल थे ।
