राज्य आंदोलनकारियों ने आरक्षण के लिए विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने की मांग उठायी
-रिपोर्ट हरेंद्र बिष्ट-
थराली, 10 दिसंबर। राज्य आंदोलनकारियों ने राज्य सरकार पर राज्य आंदोलनकारी के साथ दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए तत्काल चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारियों को चिन्हित करने, आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षतिज आरक्षण के बिल को पास करने के लिए इसी माह विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने सहित अन्य मांगें की है।

चिंहित राज्य आंदोलनकारी समिति उत्तराखंड, दिल्ली के केंद्रीय अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह रावत ने बताया कि गत दिवस लुधियाना धर्मशाला हरिद्वार में आयोजित समिति की बैठक में वंचित आंदोलनकारियों का चिन्हीकरण किए जाने, आंदोलनकारियों को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत क्षतिज आरक्षण के बिल, आंदोलनकारियों को राज्य निर्माण सेनानियों का दर्जा दिए जाने,सभी आंदोलनकारियों को समान पेंशन दिए जाने, सहित तमाम अन्य मुद्दों पर चर्चा की गई।
आंदोलनकारियों ने सरकार पर उनके साथ दोहरी नीति अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि अगर सरकार की यही नीति रही तो राज्य आंदोलनकारियों को मजबूरन लोकसभा चुनावों में भाजपा के खिलाफ प्रचार में उतरना पड़ेगा।
बताया कि बैठक में केंद्रीय प्रवक्ता भीमसेन रावत , हरिद्वार जिलाध्यक्ष सूर्यकांत भट्ट, महेश गौड़, राजेंद्र सिंह रावत, नरेद्र सिंह गुसाईं, रामदेव मौर्य, सूर्यकांत भट्ट, आरएस मनराल, आनंद नेगी , धर्मपाल भारती, कमला पांडे, नतथी जुयाल, जगमोहन सिंह नेगी, आरएस नेगी, सरिता पुरोहित, भगवान सिंह नेगी आदि ने विचार व्यक्त किए। केंद्रीय अध्यक्ष ने बताया कि 15 दिसंबर को पुनः हरिद्वार में समस्त जिला एवं प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक आयोजित की गई हैं। जिसमें अग्रिम रणनीति तय की जाएगी।
