ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिये पहचान कार्ड पाने के लिये आनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध
So far, 82 transgenders had applied for certificates from Uttarakhand, out of which 46 have been issued certificates and 19 have been rejected. 24,115 transgenders across the country had applied for the certificate. A maximum of 3,824 applications have come from Maharashtra.
-uttarakhandhimalaya.in –
राष्ट्रीय ट्रांसजेंडर व्यक्ति पोर्टल, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के लिये ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र और पहचान कार्ड पाने के लिये आनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि यह ट्रांसजेंडर व्यक्ति को किसी के समक्ष पेश हुये बिना और किसी कार्यालय में जाये बिना ही पहचान पत्र (आई कार्ड) दिलाने में मदद करता है। पोर्टल के जरिये आवेदक अपने आवेदन की ताजा स्थिति की जानकारी ले सकता है और अपने पहचान प्रमाण पत्र को डाउनलोड कर सकता है, इस प्रकार समूची प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है।
यह जानकारी केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता राज्य मंत्री श्री ए. नारायणस्वामी ने गुरुवार को लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
उत्तराखंड में अब तक 82 ट्रांसजेंडरों ने प्रमाणपत्र के लिए आवेदन दिया था जिनमे से 46 को प्रमाणपत्र जारी हो चुके हैं और 19 के अस्वीकृत हो गए हैं। सारे देश में 24,115 ट्रांसजेंडरों ने प्रमाणपत्र के लिए आवेदन किया था. सर्वाधिक 3,824 आवेदन महाराष्ट्र से गए हैं।
26 नवंबर, 2019 को ट्रांसजेंडर व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) एक्ट, 2019 को पारित किया गया। एक्ट व्यक्तियों को अपने जेंडर की पहचान स्वयं करने की अनुमति देता है, ट्रांसजेंडर व्यक्तियों के आइडेंटिफिकेशन का प्रावधान करता है और उन्हें कुछ अधिकार और लाभ देने की बात करता है। इस बिल के मुताबिक ट्रांसजेंडर व्यक्ति वो है, जिसका जेंडर उसके जन्म के समय निर्धारित हुए जेंडर से मैच नहीं करता। इनमें ट्रांस-मेन, ट्रांस-विमन, इंटरसेक्स या जेंडर-क्वियर और सोशियो-कल्चर आइडेंटिटी जैसे हिजड़ा और किन्नर से संबंध रखने वाले लोग भी शामिल हैं।
ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाणपत्र के लिये आवेदनों की संख्या और जारी किये गये ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाणपत्रों की राज्यवार संख्या के बारे में जानकारी नीचे दी गई है।
| क्र.सं. | राज्य का नाम | कुल आवेदन | प्रमाणपत्र जारी किया गया |
| 1 | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह / केंद्रशासित प्रदेश | 1 | 0 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 2525 | 2124 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 8 | 2 |
| 4 | असम | 323 | 102 |
| 5 | बिहार | 341 | 210 |
| 6 | चंडीगढ़/यूटी | 28 | 13 |
| 7 | छत्तीसगढ | 762 | 567 |
| 8 | दमन एवं दीव, दादरा एवं नगर हवेली/यूटी | 1 | 0 |
| 9 | दिल्ली/यूटी | 847 | 290 |
| 10 | गोवा | 17 | 11 |
| 11 | गुजरात | 1692 | 1388 |
| 12 | हरियाणा | 267 | 89 |
| 13 | हिमाचल प्रदेश | 55 | 25 |
| 14 | जम्मू एवं कश्मीर | 226 | 135 |
| 15 | झारखंड | 234 | 102 |
| 16 | कर्नाटक | 2156 | 980 |
| 17 | केरल | 1480 | 1066 |
| 18 | लक्षद्वीप/यूटी | 2 | 0 |
| 19 | मध्य प्रदेश | 852 | 684 |
| 20 | महाराष्ट्र | 3483 | 2478 |
| 21 | मणिपुर | 549 | 423 |
| 22 | मेघालय | 23 | 13 |
| 23 | मिजोरम | 3 | 0 |
| 24 | नगालैंड | 15 | 7 |
| 25 | ओडिशा | 2694 | 2237 |
| 26 | पुडुचेरी/यूटी | 246 | 83 |
| 27 | पंजाब | 227 | 112 |
| 28 | राजस्थान | 378 | 238 |
| 29 | सिक्किम | 36 | 35 |
| 30 | तमिलनाडु | 1109 | 581 |
| 31 | तेलंगाना | 1236 | 631 |
| 32 | त्रिपुरा | 41 | 21 |
| 33 | उतर प्रदेश | 1070 | 514 |
| 34 | उत्तराखंड | 82 | 46 |
| 35 | पश्चिम बंगाल | 1106 | 597 |
| कुल | 24115 | 15803 | |
वर्ष 2011 की जनगणना में लिंग वर्ग में पुरूष, महिला और अन्य का विकल्प उपलब्ध कराया गया है। कुल 4,87,803 लोगों ने ‘‘अन्य’’ विकल्प चुना है। हालांकि, इससे यह पुष्टि नहीं हो पाती है कि जिस व्यक्ति ने ‘‘अन्य’’ विकल्प चुना है वह ट्रांसजेंडर व्यक्ति है।
समुदाय में जागरूकता के लिये कई संवेदीकरण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया है। टीजी प्रमाण पत्रों के लिये आवेदन की संख्या बढ़े इसके लिये समय समय पर राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान (एनआईएसडी), द्वारा जिला स्तरीय अधिकारियों के लिये प्रशिक्षण कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। एनआईएसडी मंत्रालय के तहत आने वाला एक स्वायतशासी संगठन है।
ट्रांसजेंडर व्यक्तियों को पहचान पत्र जारी करने के लिये 30 दिन की निर्धारित अवधि से अधिक समय तक कुल 3,225 आवेदन लंबित हैं। लंबित आवेदनों में कमी लाने के लिये मंत्रालय ने राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान के जरिये जिला स्तरीय कर्मचारियों के लिए समय समय पर संवेदन और जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया।
राज्यवार अस्वीकृत आवेदनों की संख्या:
| (डी) अस्वीकृत आवेदनों की राज्यवार संख्या | ||
| क्र.सं. | राज्य का नाम | अस्वीकृत/अयोग्य आवेदन |
| 1 | अंडमान और निकोबार द्वीप समूह / केंद्रशासित प्रदेश | 0 |
| 2 | आंध्र प्रदेश | 275 |
| 3 | अरुणाचल प्रदेश | 3 |
| 4 | असम | 105 |
| 5 | बिहार | 69 |
| 6 | चंडीगढ़/यूटी | 9 |
| 7 | छत्तीसगढ | 43 |
| 8 | दमन और दीव, दादर और नगर हवेली/यूटी | 0 |
| 9 | दिल्ली/यूटी | 293 |
| 10 | गोवा | 6 |
| 11 | गुजरात | 266 |
| 12 | हरियाणा | 91 |
| 13 | हिमाचल प्रदेश | 28 |
| 14 | जम्मू एवं कश्मीर | 59 |
| 15 | झारखंड | 64 |
| 16 | कर्नाटक | 236 |
| 17 | केरल | 351 |
| 18 | लक्षद्वीप/यूटी | 2 |
| 19 | मध्य प्रदेश | 81 |
| 20 | महाराष्ट्र | 535 |
| 21 | मणिपुर | 71 |
| 22 | मेघालय | 6 |
| 23 | मिजोरम | 1 |
| 24 | नगालैंड | 2 |
| 25 | ओडिशा | 374 |
| 26 | पुडुचेरी/यूटी | 123 |
| 27 | पंजाब | 49 |
| 28 | राजस्थान | 84 |
| 29 | सिक्किम | 1 |
| 30 | तमिलनाडु | 338 |
| 31 | तेलंगाना | 249 |
| 32 | त्रिपुरा | 5 |
| 33 | उत्तर प्रदेश | 190 |
| 34 | उत्तराखंड | 19 |
| 35 | पश्चिम बंगाल | 279 |
| कुल | 4307 | |
ट्रांसजेंडरों के लिये लैंगिक पुनर्निधारण सर्जरी जैसी विशिष्ट चिकित्सा सेवाओं के लिये यह जरूरी है कि उनके पास ट्रांसजेंडर पहचान प्रमाण पत्र हो और सामान्य चिकित्सा सेवा जरूरतों के लिये ट्रांसजेंडर व्यक्ति आयुष्मान भारत के तहत अधिसूचित अस्पतालों के जरिये सेवाओं का लाभ उठा सकता है।
गरिमा गृह आश्रय आवासों के लाभार्थियों और आवंटित धनराशि का ब्यौरा नीचे दिया गया है।
| क्र.सं. | राज्य का नाम | गरिमा गृह का नाम | लाभार्थियों की संख्या | अब तक जारी/उपयोग की गई निधि
(रु.)
|
| 1. | दिल्ली | मित्र ट्रस्ट – दक्षिण पश्चिम दिल्ली | 106 | 63,12,373 |
| 2. | ओडिशा | साखा- खोरधा | 52 | 57,93,572 |
| 3. | तमिलनाडु | ट्रांसजेंडर राइट्स एसोसिएशन चेन्नई | 55 | 38,93,815 |
| 4. | बिहार | दोस्ताना सफ़र-पटना | 41 | 58,80,300 |
| 5. |
महाराष्ट्र |
किन्नरस्मिता – ठाणे | 36 | 60,34,462 |
| 6 | ट्वीट फाउंडेशन – मुंबई शहर | 67 | 56,03,503 | |
| 7 | आरजू फाउंडेशन – रायगढ़ | 82 | 54,91,586 | |
| 8 | छत्तीसगढ | मितवा संकल्प समिति – रायपुर | 94 | 54,04,463 |
| 9. | पश्चिम बंगाल | गोखले रोड बंधन – कोलकाता | 48 | 59,27,509 |
| 10. | पश्चिम बंगाल | कोलकाता रिस्ता-कोलकाता | 51 | 29 , 17 , 200 |
| 11 | गुजरात | लक्ष्य ट्रस्ट – वडोदरा | 70 | 29 , 17 , 200 |
| 12. | राजस्थान | नई भोर संस्था – जयपुर | 33 | 29,17,200 |
| कुल योग | 735 | 5,90,93,183 | ||
सरकार ने 12 गरिमा गृह आश्रयों के अलावा नये गरिमा गृह नहीं बनाये है। जैसे जैसे राज्य सरकारों से इसके लिये आवेदन प्राप्त होगा नये गरिमा गृह पर विचार किया जायेगा, हालांकि इसमें पात्रता मानदंडों का ध्यान रखा जायेगा।
