देश में वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं के उच्च स्तर से 73% की आई कमी
नयी दिल्ली, 16 दिसंबर। वामपंथी उग्रवाद हिंसा का भौगोलिक विस्तार भी काफी हद तक सीमित हो गया है, जिससे वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित जिलों की संख्या 2013 में 10 राज्यों में 126 से घटकर 2024 में (अप्रैल-2024 से) 09 राज्यों में केवल 38 रह गई है।
यह बात गृह राज्य मंत्री श्री नित्यानंद राय ने लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में कही। उन्होंने कहा कि नीति के दृढ़ कार्यान्वयन के परिणामस्वरूप हिंसा में लगातार कमी आई है और भौगोलिक विस्तार सीमित हुआ है। वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 2010 में वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं के उच्च स्तर से 73% की कमी आई है। परिणामी मौतें (नागरिक + सुरक्षा बल) 2010 में अब तक के उच्चतम 1005 से 2023 में 138 तक 86% कम हुई हैं। चालू वर्ष 2024 (15.11.2024 तक) में वामपंथी उग्रवाद की घटनाओं में 25% की तीव्र कमी आई है।
- वामपंथी उग्रवाद (एलडब्ल्यूई) के खतरे से समग्र रूप से निपटने के लिए भारत सरकार ने 2015 में ‘एलडब्ल्यूई से निपटने के लिए राष्ट्रीय नीति और कार्य योजना’ को मंजूरी दी थी। इस नीति में सुरक्षा संबंधी उपायों, विकास हस्तक्षेपों, स्थानीय समुदायों के अधिकारों और हकों को सुनिश्चित करने आदि से जुड़ी एक बहुआयामी रणनीति की परिकल्पना की गई है।
- वामपंथी उग्रवाद से संबंधित हिंसा की रिपोर्ट करने वाले पुलिस स्टेशनों की संख्या 2010 में 465 पुलिस स्टेशनों से घटकर वर्ष 2023 में 171 पुलिस स्टेशनों पर आ गई है।
अनुलग्नक
वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित 38 जिलों की सूची
| क्रम संख्या | राज्य | जिले | |
| 1. | आंध्र प्रदेश | 01 | अल्लूरी सीतारामराजू |
| 2. | छत्तीसगढ़ | 15 | बस्तर, बीजापुर, दंतेवाड़ा, धमतरी, गरियाबंद, कांकेर, कोंडागांव, महासमुंद, नारायणपुर, राजनांदगांव, मोहल्ला-मानपुर- अंबागढ़ चौकी, खैरगढ़- छुईखदान-गंडई, सुकमा, कबीरधाम, मुंगेली। |
| 3. | झारखंड | 05 | गिरिडीह, गुमला, लातेहार, लोहरदगा, पश्चिमी सिंहभूम।
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| 4. | केरल | 02 | वायनाड, कन्नूर |
| 5. | मध्य प्रदेश | 03 | बालाघाट, मंडला, डिंडोरी |
| 6. | महाराष्ट्र | 02 | गढ़चिरौली, गोंडिया |
| 7. | ओडिशा | 07 | कालाहांडी, कंधमाल, बोलांगीर, मलकानगिरी, नबरंगपुर, नुआपाड़ा, रायगड़ा |
| 8. | तेलंगाना | 02 | भद्राद्री-कोठागुडेम, मुलुगु |
| 9. | पश्चिम बंगाल | 01 | झारग्राम |
| कुल | 38 | ||
