कांग्रेस को बड़ा झटका ; मथुरा दत्त जोशी ने छोड़ी पार्टी, थामा तत्काल भाजपा का दामन

-By-Usha Rawat
देहरादून, 4 जनवरी। निकाय चुनाव से पहले उत्तराखंड में कांग्रेस पार्टी को तगड़ा झटका लगा है। शनिवार को पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष प्रशासन संगठन मथुरा दत्त जोशी कांग्रेस पार्टी के सभी पदों से इस्तीफा दे कर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गये हैं । तेजी से बदलते घटनाक्रम को देखते हुए कोंग्रेस ने जोशी को 6 साल के लिए पार्टी से बाहर निकाल दिया है। माथुरादत्त जोशी आज मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में भाजपा कार्यालय में भाजप में शामिल हुए।
निकाय चुनाव में टिकट वितरण से बहुत नाराज चल रहे मथुरा दत्त जोशी नें आज कांग्रेस के सभी पदों के साथ प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने के साथ ही यहां प्रदेश भाजपा मुख्यालय पहुंच कर भाजपा की सदस्यता ग्रहण कर दी है। आज सुबह से ही जोशी के इस कदम की प्रतीक्षा की जा रही थी। शालीन स्वभाव के मथुरा दत्त जोशी ने गत दिनों पिथौरागढ़ में उनकी पत्नी को टिकट न दिये जाने से नाराज हो कर जिस तरह पार्टी नेतृत्व के प्रति जिस तरह की कठोर टिप्पणी की थी उसे देखते हुए उनके कांग्रेस में रहने की संभावना नजर नहीं आ रही थी। जोशी बहुत शालीन, गंभीर और पार्टी के लिए बफादार नेता माने जाते थे। वह कई सालों से प्रवक्ता के तौर पर कांग्रेस का बचाव करते थे। उनकी नाराजगी के बावजूद जब वह कल कार्यालय में अपनी सीट पर बैठे तो कांग्रेस के अंदर उनके शांत होने की उम्मीद जगने लगी थी। पार्टी सूत्रों के अनुसार स्वयं प्रदेश अध्यक्ष करण माहरा ने वृहस्पतिवार को जोशी को मनाने का प्रयास किया था।
इधर प्रदेश कांग्रेस ने मथुरा दत्त जोशी के शनिवार अपराह्न भाजपा प्रदेश कार्यालय पहुँचने से पहले ही उन्हे पार्टी से 6 साल के लिए निष्काषित कर दिया।
जोशी से पहले, डा0 आर पी रतूड़ी और जोत सिंह बिष्ट जैसे कांग्रेस के नेता भाजपा में जा कर उसके प्रवक्ता बन गये थे। जोशी विगत में जोत सिंह बिष्ट के साथ मध्य प्रदेश और राजस्थान जैसे राज्यों में पार्टी की ज़िम्मेदारियां निभा चुके थे। जोशी अब तक कांग्रेस कार्यालय की सारी जिम्मेदारियां निभा रहे थे। उम्मीद है कि परम्परानुसार भाजपा जोशी को प्रवक्ता की जिम्मेदारी दे सकती है ताकि वह कांग्रेस के खिलाफ भड़ास निकाल सकें। भाजपा अब तक अन्य दलों से आये दलबदलुओं को परखने के लिए सबसे पहले प्रवक्ता की ही जिम्मेदारी सौंपती रही है।
जोशी ने गत विधानसभा चुनाव में पिथौरागढ़ से पार्टी टिकट मंगा था लेकिन उस बार भी उनकी नहीं सुनी गयी उनकी बफादारी को पार्टी में बने रहने की गारंटी मान ली गयी।
कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को लिखे पत्र में मथुरा दत्त जोशी ने कहा है कि अपने जीवन के 48 वर्षों तक उन्होंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कांग्रेस पार्टी की सेवा की। लेकिन इतने लंबे वर्षों तक पार्टी की सेवा करने के बाद बहुत क्षुब्ध हैं। ऐसे में कांग्रेस पार्टी द्वारा मुझे वर्तमान में प्रदत्त पदों सदस्य एआईसीसी, सदस्य समन्वय समिति कांग्रेस पार्टी उत्तराखंड के अलावा प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन उत्तराखंड कांग्रेस के साथ पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से त्यागपत्र देने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
बता दें कि मथुरा दत्त जोशी टिकट बंटवारे से नाराज चल रहे थे। उन्होंने कहा कि नगर निगम पिथौरागढ़ में मेयर पद के लिए उन्होंने अपनी पत्नी रुक्मणी जोशी की दावेदारी की थी। लेकिन कांग्रेस पार्टी ने टिकट अंजू लुंठी को दे दिया। जिसके बाद वह खुले मंच पर अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे थे। आखिरकार उन्होंने नगर निकाय चुनाव से ठीक पहले सभी पदो से इस्तीफा देकर कांग्रेस पार्टी को तगड़ा झटका दे दिया है। दिलचस्प बात ये है कि जब कांग्रेस ने उत्तराखंड निकाय चुनाव के लिए उम्मीदवारों की लिस्ट जारी की थी तो वो मथुरा दत्त जोशी के हाथों से ही होती थी। मथुरा दत्त जोशी यूपी के जमाने से कांग्रेस पार्टी में थे। ठीक निकाय चुनाव से पहले उनके इस्तीफे से कांग्रेस को बहुत बड़ा झटका लगा है। गौरतलब है कि उत्तराखंड में 23 जनवरी को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान होना है। 25 जनवरी को निकाय चुनाव का परिणाम घोषित होगा। ऐसे में मतदान से पहले कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष का इस्तीफा पार्टी के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। मथुरा दत्त जोशी 48 साल से कांग्रेस पार्टी में थे। मथूरा दत जोशी के भाजपा में शामिल होने की चर्चा के बाद कांग्रेस से मथूरा दत जोशी को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
