विकासखण्ड अधिकारी की सरपरस्ती में हुआ घोटाला, बिना काम के किया भुगतान, घोटालेबाजों से वसूली के आदेश जारी

पोखरी, 14 जनवरी (राणा)। । विधायक निधि में बगैर निर्माण कार्य किए ही लाखों रुपये का भुगतान किए जाने के मामले में मुख्य विकास अधिकारी चमोली ने तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी, कनिष्ठ अभियंता और ग्राम विकास अधिकारी पर वसूली के आदेश जारी कर दिये हैं जबकि घोटाले के इस मामले में घोटालेबाजों के खिलाफ कठोर कार्यवाही की अपेक्षा की जा रही थी।
प्राप्त विवरण के अनुसार पोखरी विकास खण्ड के तहत बद्रीनाथ के पूर्व विधायक राजेंद्र सिंह भण्डारी द्बारा अपनी विधायक निधि से ग्राम पंचायत नैल ऐथा में सार्वजनिक कक्ष निर्माण हेतू 3 लाख रुपये मार्च 2024 में स्वीकृत किए गए थे, तथा विकासखंड कार्यालय को कार्यदायी संस्था बनाया गया था ।
आरोप है कि कार्यदायी संस्था के अधिकारियों, तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी पन्ना लाल, अवर अभियंता नारायण प्रसाद टम्टा और तत्कालीन ग्राम विकास अधिकारी महावीर बैनोला द्बारा बगैर सार्वजनिक कक्ष का निर्माण किए विना ही मई 2024 में मैटीरियल का 99, 025 रुपए तथा लेबर चार्ज 1,01,376 रुपए दिखाकर कुल 2,00,401 का फर्जी भुगतान किया गया ।
जब तत्कालीन विधायक राजेंद्र सिंह भण्डारी द्बारा ग्राम पंचायत नैल ऐथा में स्थलीय निरीक्षण किया गया तो धरातल पर कोई भी कार्य होना नहीं पाया गया जो शासकीय धन का सरासर दुरुपयोग है ।
इस सम्बन्ध में तत्कालीन बद्रीनाथ के विधायक राजेन्द्र सिंह भण्डारी द्बारा 4 दिसम्बर 2024 को शिकायती पत्र मुख्य विकास अधिकारी चमोली को सौंपा गया । जांच के बाद मुख्य विकास अधिकारी चमोली के निर्देश पर जिला विकास अधिकारी चमोली कमलेश कुमार पंत ने तत्कालीन खण्ड विकास अधिकारी पन्ना लाल पर कुल भुगतान की धनराशि का 20 प्रतिशत कुल धनराशि 40,080 रुपए, तत्कालीन अवर अभियंता नारायण प्रसाद टम्टा पर कुल भुगतान की धनराशि का 40प्रतिशत कुल 80,160 रुपए, तत्काल ग्राम विकास अधिकारी महावीर लाल बैनोला पर कुल भुगतान की धनराशि का 40 प्रतिशत कुल धनराशि 80,160 रुपए के वसूली का आदेश पत्र खण्ड विकास अधिकारी पोखरी को जारी किया है ।
मस्टरोल में नौकरी पेशा लोगों को मजदूर दिखाया गया साथ ही विधायक और प्रमुख की ग्राम पंचायत में इस तरह का घोटाला हो रहा है तो सामान्य ग्राम सभाओं का क्या हाल होगा ।
वहीं प्रभारी खण्ड विकास अधिकारी राजेन्द्र सिंह विष्ट से सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया कि उन्हें जिला विकास अधिकारी का उपरोक्त वसूली आदेश पत्र प्राप्त हो चुका है ।खण्ड विकास कार्यालय की तरफ से सम्बंधित अधिकारियों को पत्र निर्गत कर दिया गया है कि उन पर वसूली की जो धनराशि निर्धारित की गई है एक सप्ताह के भीतर खण्ड विकास कार्यालय में जमा करवा दें ।
