जानिए बजट के हलुवे की कहानी !
By- Usha Rawat
पहली फरबरी को वित्त मंत्री देश का सालाना बजट पेश करने जा रही हैं इसलिए अब सारा देश बेसब्री से केंद्रीय बजट का इंतजार कर रहा है। उससे पहले वित्त मंत्रालय में हलुवा सेरेमनी हो गयी है। पिछले साल प्रतिपक्ष के नेता राहुल गांधी ने इसी हलुवा वितरण पर कटाक्ष किया । आइए जानते हैं क्या है हलवा सेरेमनी और क्यों यह बजट से पहले मनाई जाती है।
बजट के छापेखाने में हलुवा सेरेमनी
हलवा सेरेमनी बजट के दस्तावेजीकरण के बाद मनाई जाती है। यह आयोजन बजट प्रेस में होता है। बजट प्रेस नॉर्थ ब्लॉक में नीचे बेसमेंट में है। यहां बड़ी कढ़ाही में हलवा बनता है और सब लोग हलवा खाते हैं। हलवा सेरेमनी में वित्त मंत्री और वित्त मंत्रालय के सभी अधिकारी भाग लेते हैं। इस आयोजन के बाद बजट की छपाई शुरू हो जाती है।
बजट भाषण से पहले हलवा सेरेमनी
हलवा सेरेमनी का आयोजन बजट की तैयारी पूरी होने और वित्त मंत्री के बजट भाषण से पहले होता है। बजट बनाने में लगे लोगों की कई दिनों की मेहनत रंग लाती है, इसलिए एक उत्साह का माहौल रहता है। भारतीय परंपरा में कोई भी अच्छा काम होने पर मीठा खाने और खिलाने की परंपरा रही है। इसलिए हलावा खिलाकर बजट बनाने में लगे अधिकारियों का मुंह मीठा कराया जाता है।
बजट की गोपनीयता के लिए अधिकारी रहते लॉक इन
हलवा सेरेमनी के बाद बजट छापने वाले 100 से अधिक कर्मचारी और अधिकारी नॉर्थ ब्लॉक में ही रहते हैं। ये लोग 10 दिन तक नॉर्थ ब्लॉक के बेसमेंट में ही रहते हैं। ये लोग वित्त मंत्री के बजट भाषण के बाद ही बाहर निकलते हैं। बजट से जुड़ी कोई भी जानकारी लीक ना हो, इसलिए यह नियम है।
करोना काल में नहीं बना हलवा
साल 2022 में कोरोना महामारी के समय प्रोटोकॉल को देखते हुए हलवा सेरेमनी नहीं मनाई गई थी। उस साल बजट का दस्तावेजीकरण भी नहीं हुआ था। बल्कि इसे डिजिटल रूप से पेश किया गया था। उस समय हलवा सेरेमनी के बजाय मिठाई बांटी गई थी। कोविड के बाद फिर से हलवा सेरेमनी का आयोजन होता आ रहा है।
बजट की तैयारी में कई महीने लगते हैं
वित्त मंत्रालय के अधिकारी और कर्मचारी दिन रात काम करके बजट को अंतिम रूप देते हैं। बजट में देश की अर्थव्यवस्था, टैक्स, योजनाओं आदि के बारे में महत्वपूर्ण घोषणाएं होती हैं।बजट देश के विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। इसमें सरकार अपनी आय और खर्च का लेखा-जोखा प्रस्तुत करती है। बजट के माध्यम से ही सरकार देश की आर्थिक नीतियों का निर्धारण करती है। हलवा सेरेमनी भारतीय बजट प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। यह न केवल एक परंपरा है, बल्कि यह टीम वर्क का भी प्रतीक है।
