शाश्वती तालुकदार और शेरिल हेस की फिल्म* *मैरिज कॉप्स* *का प्रदर्शन दून पुस्तकालय में

देहरादून, 4 फरवरी। दून पुस्तकालय एवं शोध केंद्र की ओर से आज सायं शाश्वती तालुकदार और चेरिल हेस द्वारा निर्मित एक शानदार वृत्तचित्र मैरिज कॉप्स का भारत में पहला प्रदर्शन किया गया.केन्द्र के सभागार में प्रदर्शित की गई इस फिल्म को खचाखच भरे सभागार में उपस्थित लोगों ने खूब सराहा.
फिल्म प्रदर्शन के दौरान मुख्य अतिथि के तौर पर पूर्व पुलिस अधिकारी, प्रशासक, लेखक, कवि व स्तंभकार अनिल रतूड़ी मौजूद थे व वर्तमान पुलिस अधिकारी व लेखक अमित श्रीवास्तव चर्चाकार के तौर पर उपस्थित थे।
मूलतः मैरिज कॉप्स फिल्म प्यार, कानून और वैवाहिक समस्याओं को सुलझा ने वाले पुलिस अधिकारियों पर एक समझदारी भरी और विचारोत्तेजक नज़र डालती है।
मैरिज कॉप्स एक शानदार फीचर डॉक्यूमेंट्री है. यह फिल्म देहरादून महिला हेल्पलाइन की एक अनोखी झलक दिखाती है, जहाँ शादी में सुलह और कानून प्रवर्तन सबसे अप्रत्याशित तरीकों से मिलते हैं। 80 मिनट की अवधि में यह हिंदी फिल्म सब-इंस्पेक्टर संध्या और कृष्णा की कहानी बताती है, जो दो समर्पित अधिकारी हैं और जिनके काम करने का तरीका बहुत अलग है, लेकिन दोनों बहुत ही समझदार हैं और अपने काम में माहिर हैं। वे ऐसेे रिश्तों में शांति बनाए रखने की पूरी कोशिश करते हैं जो ठीक होने से परे लगते हैं – गाली देने वाले पति, लापरवाह पिता, धोखा देने वाली पत्नियाँ और दखल देनी वाली सास ।
मैरिज कॉप्स का वर्ल्ड प्रीमियर टोरंटो में प्रतिष्ठित हॉट डॉक्स कैनेडियन इंटरनेशनल डॉक्यूमेंट्री फेस्टिवल में हुआ था। तब से डॉकफेस्ट म्यूनिख, जर्मनी 2025 यूरोपियन प्रीमियर,डॉक एज, ऑकलैंड, न्यूजीलैंड 2025 ऑस्ट्रोएशिया प्रीमियर,गॉलवे फिल्म फ्लीध, आयरलैंड 2025,
वैंकूवर इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025, रियो डी जनेरियो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल 2025, वॉच डॉक, वारसा पोलैंड 2025,FIPA डॉक, बियारिट्ज़, फ्रांस 2026
बिग स्काई डॉक्यूमेंट्री फेस्टिवल, 2026 USA प्रीमियर,डॉक एज सिंगापुर, 2026 एशियन प्रीमियर में इसे प्रदर्शित किया जा चुका है।
इस फिल्म की सह-निर्देशक संपादक शाश्वती तालुकदार जी का जन्म और पालन-पोषण देहरादून में हुआ है. मैरिज कॉप्स उनकी दूसरी डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म है। उन्होंने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरुआत न्यूयॉर्क शहर में माइकल मूर के लिए असिस्टेंट एडिटर के तौर पर की है और बाद में HBO, BBC, Lifetime, Sundance और Cablevision के प्रोजेक्ट्स पर काम किया है। उनकी फिल्में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर दिखाई गई हैं, जिनमें बुसान इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, हेलसिंकी में कियास्मा म्यूजियम ऑफ आर्ट और व्हिटनी बिएनियल शामिल हैं। उनके काम को बुसान में एशियन सिनेमा फंड, जेरोम फाउंडेशन, न्यूयॉर्क स्टेट काउंसिल ऑन द आर्ट्स, ट्रिबेका फाउंडेशन और इंडिया फाउंडेशन ऑफ द आर्ट्स सहित कई संस्थानों से समर्थन मिला है। शाश्वती को सेंटर फॉर एशियन अमेरिकन मीडिया से जेम्स यी मेंटरशिप अवार्ड और IFP (गॉथम) न्यूयॉर्क से प्रोजेक्ट इन्वॉल्व फेलोशिप से सम्मानित किया गया है। उनके पास टेम्पल यूनिवर्सिटी, फिलाडेल्फिया से फिल्म और वीडियो आर्ट्स में MFA और जामिया मिलिया इस्लामिया, नई दिल्ली से मास कम्युनिकेशंस में MA की डिग्री है।
कार्यक्रम में वृतचित्र में शामिल सब-इंस्पेक्टर कृष्णा जयाड़ा,संध्या, मुकुल शर्मा व महिला हेल्पलाइन के कांस्टेबल सहित अन्य लोग भी उपस्थित थे. कार्यकम मे राधा रतूड़ी,पूर्व मुख्य सचिव, उत्तराखण्ड, निकोलस हॉफलैण्ड, चन्द्रशेखर तिवारी, कर्नल वी के दुग्गल, हिमांशु आहूजा, विनोद समलानी, डॉ.डी. के. पाण्डे, सुंदर बिष्ट, जगदीश महर, देवेन्द्र कांडपाल अनेक फिल्म प्रेमी, साहित्यकार, लेखक, युवा छात्र उपस्थित रहे.
