यूकेडी की पोखरी में विशाल रैली ; 2027 में सत्ता परिवर्तन का बिगुल
डामर से बस स्टैंड तक शक्ति प्रदर्शन, जनसभा में भाजपा-कांग्रेस पर तीखे प्रहार
पोखरी, 12 फरवरी (राणा)। उत्तराखंड क्रांति दल (यूकेडी) ने गुरुवार को पोखरी में विशाल रैली निकालकर 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए सत्ता परिवर्तन का बिगुल फूंका। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ता डामर से टावर कॉलोनी होते हुए बस स्टैंड गोल मार्केट तक जुलूस के रूप में पहुंचे। रैली बाद में जनसभा में परिवर्तित हो गई, जहां वक्ताओं ने भाजपा और कांग्रेस पर प्रदेश की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए यूकेडी को एकमात्र विकल्प के रूप में प्रस्तुत किया।
जनसभा को संबोधित करते हुए यूकेडी के केंद्रीय अध्यक्ष सुरेंद्र कुकरेती ने कहा कि उत्तराखंड राज्य गठन में 26 वर्ष पूर्व यूकेडी कार्यकर्ताओं की निर्णायक भूमिका रही, लेकिन राज्य बनने के बाद भाजपा और कांग्रेस ने बारी-बारी से सत्ता में रहकर राज्य की मूल भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। उन्होंने कहा कि मूल निवास, जल-जंगल-जमीन जैसे संवेदनशील मुद्दों को हाशिये पर डाल दिया गया है और प्रदेश पर केंद्र से नीतियां थोपी जा रही हैं। उन्होंने दावा किया कि यदि उत्तराखंड की दिशा और दशा बदलनी है तो 2027 में भाजपा और कांग्रेस को सत्ता से बाहर कर यूकेडी को अवसर देना होगा।

पार्टी की महिला प्रकोष्ठ की प्रदेश अध्यक्ष मेजर संतोष भंडारी ने कहा कि प्रदेश में महिलाएं खुद को असुरक्षित और उपेक्षित महसूस कर रही हैं। पहाड़ों में खेती-बाड़ी चौपट हो चुकी है और भ्रष्टाचार चरम पर है। उन्होंने कहा कि इन हालातों से बाहर निकलने के लिए सत्ता परिवर्तन समय की आवश्यकता बन चुका है।
युवा प्रकोष्ठ के केंद्रीय अध्यक्ष आशीष नेगी ने भाजपा और कांग्रेस पर तीखा हमला करते हुए कहा कि प्रदेश की बोली-भाषा और सांस्कृतिक पहचान संकट में है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्थानीय युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा और उन्हें केवल मनरेगा तक सीमित कर दिया गया है। उन्होंने गैरसैंण को स्थायी राजधानी बनाने की मांग दोहराते हुए कहा कि इसके लिए यूकेडी को सत्ता में लाना अनिवार्य है।
यूकेडी की केंद्रीय सचिव डॉ. सौम्या चौधरी ने कहा कि 26 वर्षों में प्रदेश की व्यवस्थाएं मजबूत होने के बजाय कमजोर हुई हैं। केंद्रीय उपाध्यक्ष जय प्रकाश उपाध्याय ने कहा कि इस रैली का उद्देश्य जनता को उनके अधिकारों और प्रदेश की वास्तविक स्थिति से जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि पोखरी क्षेत्र से सत्ता के कई महत्वपूर्ण पदों पर प्रतिनिधित्व होने के बावजूद क्षेत्र की सड़क, स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था बदहाल बनी हुई है।
जनसभा के दौरान क्षेत्र की महिलाओं ने शराबबंदी की मांग उठाई और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की जरूरत पर जोर दिया। कार्यक्रम में यदुवीर सिंह नेगी, राजेश्वरी देवी, पंकज पुरोहित, आशुतोष नेगी, दीपक राणा, पुष्पा झिकवाण, बेलमती, योगेंद्र चौधरी, राकेश चौधरी, शंभू प्रसाद भट्ट, लक्ष्मण नेगी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन राजेंद्र विष्ट ने किया।
