ताबड़तोड़ हत्याओं के बाद उत्तराखंड के पुलिस महकमे में भारी फेरबदल, कई कप्तान बदले
देहरादून 14 फरबरी। उत्तराखंड की धामी सरकार ने 13 फरवरी 2026 की शाम पुलिस महकमे में एक बड़ी सर्जरी करते हुए 20 पुलिस अधिकारियों (IPS और PPS) के तबादले कर दिए हैं। इसमें देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर सहित 8 जिलों के कप्तान बदल दिए गए हैं।
यहाँ पूरी खबर का विवरण और तबादलों की विस्तृत सूची दी गई है:
जिलों के नए पुलिस कप्तान (SSP/SP)
- देहरादून: हरिद्वार के एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल को अब राजधानी देहरादून का नया एसएसपी बनाया गया है।
- हरिद्वार: एसटीएफ के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर अब हरिद्वार के नए एसएसपी होंगे।
- ऊधमसिंह नगर: चंपावत के एसपी अजय गणपति कुम्भार को ऊधमसिंह नगर का नया एसएसपी नियुक्त किया गया है।
- अल्मोड़ा: बागेश्वर के एसपी चंद्रशेखर आर. घोडके को अल्मोड़ा का नया एसएसपी बनाया गया है।
- पिथौरागढ़: रुद्रप्रयाग के एसपी अक्षय प्रहलाद कोंडे अब पिथौरागढ़ के नए एसपी होंगे।
- चंपावत: पिथौरागढ़ की एसपी रेखा यादव को चंपावत का नया एसपी बनाया गया है।
- रुद्रप्रयाग: ऊधमसिंह नगर की एसपी (अपराध एवं यातायात) निहारिका तोमर को रुद्रप्रयाग जिले की कमान सौंपी गई है।
- बागेश्वर: हरिद्वार के एसपी (अपराध एवं यातायात) जितेन्द्र कुमार मेहरा को बागेश्वर का नया एसपी नियुक्त किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां और बदलाव
- अजय सिंह (पूर्व SSP देहरादून): इन्हें अब एसएसपी STF (Special Task Force) बनाया गया है।
- मणिकांत मिश्रा (पूर्व SSP ऊधमसिंह नगर): इन्हें अब एसपी अभिसूचना (Intelligence) की जिम्मेदारी दी गई है।
- निवेदिता कुकरेती: इन्हें पदोन्नति के साथ आईजी (IG), SDRF बनाया गया है।
- प्रहलाद नारायण मीणा: इन्हें डीआईजी (DIG), सतर्कता (Vigilance) मुख्यालय की जिम्मेदारी मिली है।
- यशवंत सिंह: इन्हें पीटीसी (Police Training College), नरेंद्र नगर का प्रधानाचार्य बनाया गया है।
- देवेंद्र पींचा: अल्मोड़ा के पूर्व एसएसपी को अब 31वीं वाहिनी पीएसी में सेनानायक नियुक्त किया गया है।
पृष्ठभूमि: क्यों हुई यह बड़ी कार्रवाई?
इस प्रशासनिक फेरबदल के पीछे मुख्य रूप से तीन बड़े कारण माने जा रहे हैं:
- देहरादून में बढ़ता अपराध: पिछले कुछ दिनों में देहरादून में हुई सिलसिलेवार हत्याओं (48 घंटे में दो बड़ी वारदातें) और कानून-व्यवस्था की बिगड़ती स्थिति को देखते हुए सरकार पर भारी दबाव था। राजधानी में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए नेतृत्व परिवर्तन अनिवार्य माना जा रहा था।
- मुख्यमंत्री का सख्त संदेश: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हाल ही में कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक में कड़े निर्देश दिए थे कि अपराधियों में पुलिस का खौफ होना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया था कि ढिलाई बरतने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा।
- प्रशासनिक कसावट: सरकार ने केवल जिले ही नहीं, बल्कि एसटीएफ और इंटेलिजेंस जैसी इकाइयों में भी बदलाव किया है ताकि खुफिया तंत्र और अपराध जांच को और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
