शिक्षा की जर्ज़र व्यवस्था का जीर्णशीर्ण नमूना है बमोटिया का स्कूल

–हरेंद्र बिष्ट की रिपोर्ट-
थराली, 8 फरबरी। सरकार पहाड़ शिक्षा व्यवस्था सुधारने का लाख दावे करते रहें किंतु हकीकत कुछ और ही बयां करती हैं,इसका एक जीता-जागता उदाहरण विकासखंड देवाल के अंतर्गत दूरस्थ प्राथमिक विद्यालय बामोटिया बना हुआ हैं जहां पर कक्षा 1 से कक्षा 8 तक की सभी कक्षाएं प्राइमरी स्कूल के एक जर्जर भवन में संचालित हो रहा है। जिस वजह से छात्र, छात्राओं एवं अभिभावकों को शिक्षा से अधिक अपनी जान की फिक्र बनी रहती हैं।क्योंकि भवन काफी जर्जर स्थिति में पहुंच चुका हैं।
बेराधार ग्राम पंचायत के अंतर्गत अनुसूचित तोक बामोटिया में 2003 में प्राथमिक विद्यालय का संचालन शुरू हो गया था।वही राजकीय प्राथमिक विद्यालय में छात्र, छात्राओं की संख्या को देखते हुए शिक्षा विभाग ने वर्ष 2012-13 में यहां पर राजकीय जूनियर हाई स्कूल खोलने की स्वीकृति देते हुए बकायदा 6 से 8 तक की कक्षाओं का संचालन भी शुरू कर दिया था। वैकल्पिक तौर पर राजकीय प्राथमिक विद्यालय के भवन से जूनियर की कक्षाओं का संचालन शुरू किया और आज भी इसी भवन से कक्षाओं का संचालन हो रहा हैं।मात्र दो कक्षा-कक्षों में 1 से 8 तक की कक्षाओं का कैसे संचालन होता होगा स्वयंम समझा जा सकता हैं। गरीब ग्रामीण लंबे समय से यहां पर जूनियर हाईस्कूल के भवन का निर्माण करने की शासन , प्रशासन से मांग करते आ रहे हैं किंतु आज तक भी भवन निर्माण नही हो पाया हैं।
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बमोटिमा में प्राइमरी के कक्षा-कक्षों में ही 1 से 8 तक की कक्षाओं का संचालन हो रहा है, वही इसी भवन में आंगनबाड़ी केंद्र का भी संचालन किया जा रहा है ऐसे में स्थिति और भी असामान्य होकर रह गई है।
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बमोटिया के ग्रामीण रमेश राम बताते हैं कि पिछले कई वर्षों से जनप्रतिनिधियों एवं शिक्षा विभाग के उच्चाधिकारियों से भवन निर्माण के लिए ग्रामीणों के द्वारा लगातार पत्राचार किया जा रहा है किंतु आज तक भी भवन का निर्माण नही पाया हैं, इसके पीछे भवन निर्माण के लिए वर्षों बाद भी वन भूमि का शिक्षा विभाग के नाम हस्तांतरण नही होना हैं। वन विभाग भूमि हस्तांतरण के लिए लगातार आपत्तियों पर आपत्तियां लगाते आ रहा है, जिस का खामियाजा नौनिहालों को भुगतना पड़ रहा हैं।
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समुद्र तल से करीब 22 मीटर की ऊंचाई पर स्थित बमोटीया में गर्मियों एवं जाड़ों के सामान्य मौसम में तों कक्षाओं का संचालन खुलें आसमान तले किया जाता हैं, किंतु बरसात एवं जाड़ों में बर्फबारी व ठंड अधिक होने के कारण छात्रों को प्राइमरी के कमरों में ठूस कर बिठा दिया जाता हैं। ऐसे में ही अध्ययन अध्यापन का कार्य संचालित किया जाता हैं।
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देवाल के खंड शिक्षा योगेंद्र सेमवाल ने बताया कि प्राथमिक व जूनियर हाईस्कूल प्राइमरी के भवन से ही संचालित हो रहा हैं, विद्यालय का अन्य भवन जर्जर स्थिति में है, स्कूली छात्र कक्षा-कक्ष के अलावा बरामदे में पठन-पाठन का काम करते हैं। भवन के नव निर्माण एवं मरम्मत के लिए लगातार पत्राचार किया जा रहा है। धनराशि की स्वीकृति पर भवन की मरम्मत व सुधारीकरण किया जाएगा। बताया कि वर्तमान में प्राथमिक वर्ग में 19 एवं जूनियर हाईस्कूल में 18 छात्र छात्राएं अध्ययनरत हैं।
