देशभर में IAS-IPS-IFS अधिकारियों की भारी कमी
संसद में केंद्र सरकार ने पेश किए रिक्तियों के आंकड़े
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने संसद में बताया है कि देश की प्रमुख सिविल सेवाओं—भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS), भारतीय पुलिस सेवा (IPS) और भारतीय वन सेवा (IFS)—में बड़ी संख्या में पद रिक्त हैं। राज्यसभा में एक लिखित प्रश्न के उत्तर में सरकार ने इन सेवाओं में स्वीकृत पदों और रिक्तियों से जुड़ी विस्तृत जानकारी प्रस्तुत की।
सरकार के अनुसार, भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में कुल 6,865 स्वीकृत पद हैं, जिनमें से 1,365 पद खाली हैं। भारतीय पुलिस सेवा (IPS) में 4,984 स्वीकृत पदों के मुकाबले 703 पद रिक्त हैं। वहीं भारतीय वन सेवा (IFS) में कुल 3,209 स्वीकृत पदों में से 1,042 पद खाली पड़े हैं।
केंद्र सरकार ने स्वीकार किया कि इन रिक्तियों का असर प्रशासनिक क्षमता और निर्णय लेने की प्रक्रिया पर पड़ता है। अधिकारियों की कमी के चलते कई स्थानों पर अतिरिक्त कार्यभार बढ़ जाता है, जिससे प्रशासनिक कार्यों में दबाव की स्थिति बनती है।
इस कमी को दूर करने के लिए सरकार ने भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाने की बात कही है। सरकार ने बताया कि वर्ष 2022 से सिविल सेवा परीक्षा के माध्यम से IAS अधिकारियों की वार्षिक सीधी भर्ती बढ़ाकर 180 कर दी गई है। इसी तरह IPS अधिकारियों की वार्षिक भर्ती को 200 तक बढ़ाया गया है।
इसके साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया कि रिक्त पदों को भरना एक सतत प्रक्रिया है। राज्य संवर्गों में पदोन्नति के माध्यम से रिक्तियों को भरने के लिए राज्य सरकारों को नियमित रूप से निर्देश जारी किए जाते हैं, ताकि प्रशासनिक ढांचे को मजबूत किया जा सके।
सरकार द्वारा प्रस्तुत ये आंकड़े फरवरी 2024 तक की स्थिति को दर्शाते हैं, जिन्हें कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय ने संसद में रखा है।
