राजनीति

किसानों को लेकर कांग्रेस ने भाजपा पर अनर्गल बयानबाजी का आरोप लगाया है

देहरादून, 21 अक्टूबर। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष करन माहरा ने किसानों के मुद्दे पर भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष महेन्द्र भट्ट पर अनर्गल बयानबाजी का आरो लगाया है। महरा का कहना है कि देश के किसानों के कांग्रेस पर बढ़ते विश्वास से भाजपा बौखलाई हुई है इसीलिए भाजपा के नेता अनर्गल बयानबाजी कर रहे हैं।

आज यहाँ जारी बयान में  करन माहरा ने कहा कि 2014 और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने देश की जनता को अच्छे दिनों का झांसा देकर तथा किसानों से झूठे वायदे कर सत्ता हथियाने का काम किया था। परन्तु 10 वर्ष बीत जाने के बाद भी देश की जनता के साथ किये गये वादों में से एक भी वादा पूरा नही हुआ है। भाजपा की डबल इंजन की सरकार का किसान विरोधी चेहरा उसी दिन जनता के सामने आ गया था जब मोदी सरकार अपने मित्रों और पूंजीपतियो को लाभ पहुंचाने के लिए संख्या बल के दम पर किसान विरोधी तीन काले कानून लेकर आई। किसानों के 13 महीने के आंदोलन और विपक्षी दलों के विरोध के बाद ही सरकार को अपने कदम पीछे खींचने पड़े थे।

 

उन्होंने कहा कि यह सरकार लगातार किसानों को झूठे आश्वासन और किसानों के दमन का काम कर रही है। बढ़ती महंगाई, बढ़ते खाद, बीज और डीजल के दामों तथा खेती उपकरणों पर जीएसटी ने किसानों को पर दोहरी मार मारने का काम किया है। देश का किसान अपनी फसलों के लिए पर्याप्त न्यूनतम समर्थन मूल्य को बढ़ाने की मांग करता रहा है और सरकार ने हमेशा किसानों की मांगो की अनदेखी की है और सरकार ने जो कार्य किये भी हैं वह केवल ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने कहा कि उत्तराखंड में आई दैवीय आपदा तथा आंधी तूफान और अतिवृष्टि से किसान लगातार जूझ रहा है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के किसानों को अपनी उपज का उचित मूल्य नहीं मिल पा रहा है। प्रदेश में अफसरशाही के कारण किसानों को अपनी फसल बिचौलियों को ओने-पौने दामों पर बेचनी पड़ रही है और भाजपा सरकार किसानों की आय का झूठा ढिंढोरा पीट रही है।

ज्ञातव्य हो कि उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष करन माहरा ने विगत दिनों प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को पत्र लिख कर किसानों की समस्याओं से अवगत कराते हुए कृषि मंडियो में धान के तौल में बरती जा रही अनियमता से अवगत कराने के साथ ही स्थानीय अढ़तियो द्वारा नमी का हवाला दे कर धान के तौल में 15 प्रतिशत की कटौती से भी अवगत कराया था परन्तु प्रदेश सरकार के मुखिया निरंकुश और साथ ही किसानों के विभिन्न समस्याओं पर मुख्यमंत्री का ध्यान आकर्षित करने का काम किया।

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