राजभवन कूच से पहले रोका गया अंकिता न्याय यात्रा का मौन मार्च

देहरादून, 27 फरवरी। गुरुवार को अंकिता न्याय यात्रा संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले देहरादून के गांधी पार्क से राजभवन तक पैदल मौन मार्च निकाला गया। मार्च का उद्देश्य अंकिता भंडारी हत्याकांड की सीबीआई जांच सुप्रीम कोर्ट के सिटिंग जज की निगरानी में कराने की मांग को लेकर महामहिम राष्ट्रपति के नाम राज्यपाल के माध्यम से ज्ञापन सौंपना था।
मंच की कमला पंत ने बताया कि प्रतिनिधिमंडल ने दो सप्ताह पूर्व ही राज्यपाल से मिलने का समय मांगा था, लेकिन राजभवन की ओर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मंच द्वारा मनोनीत पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ज्ञापन देने के लिए राजभवन कूच कर गया।
हालांकि, न्यू कैंटोनमेंट रोड पर पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रतिनिधिमंडल को आगे बढ़ने से रोक दिया। राज्यपाल से मिलने की मांग को लेकर मंच के सदस्य वहीं सड़क पर बैठ गए और शांतिपूर्वक विरोध दर्ज कराया। इसके बावजूद उन्हें राज्यपाल से मिलने का समय नहीं मिल सका।
इस दौरान मंच की ओर से न्यू कैंटोनमेंट रोड पर अंकिता भंडारी हत्याकांड पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया और जनगीत भी गाए गए। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों को कड़ी सजा दिलाने की मांग दोहराई।
मंच ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मौन मार्च में निर्मला बिष्ट, महावीर राणा, मोहित डिमरी, सुजाता पॉल, कनिष्क जोशी, सूरज नेगी, मुकेश बहुगुणा, पंकज क्षेत्री, विमला कोली, राजू सिंह, मुकेश सेमवाल सहित सैकड़ों महिलाएं, युवा और पूर्व सैनिक शामिल रहे।
