रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ सम्पन्न हुआ पीजी कॉलेज जोशीमठ का वार्षिकोत्सव

ज्योतिर्मठ, 12 अप्रैल (कपरुवाण)। धार्मिक एवं पर्यटन नगरी ज्योतिर्मठ में स्थित सीमांत क्षेत्र के एकमात्र उच्च शिक्षा संस्थान, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय जोशीमठ का वार्षिकोत्सव यादगार सांस्कृतिक कार्यक्रमों तथा महाविद्यालय के अकादमिक एवं क्रीड़ा क्षेत्र के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के सम्मान के साथ सम्पन्न हो गया।
कार्यक्रम में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के उपाध्यक्ष ऋषि प्रसाद सती बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे, जबकि समाजसेवी एवं हेमकुंड साहिब मैनेजमेंट ट्रस्ट के मुख्य प्रबंधक सरदार सेवा सिंह अति विशिष्ट अतिथि के रूप में कार्यक्रम में शामिल हुए।

सामाजिक कार्यकर्ता एवं जिला रेड क्रॉस समिति के अध्यक्ष ओमप्रकाश डोभाल, अभिभावक-शिक्षक संघ के अध्यक्ष उमेश राणा, उपाध्यक्ष मीना राणा, पूर्व पार्षद एवं निवर्तमान पीटीए अध्यक्ष कलम सिंह राणा तथा डॉ. मित्रश्री विशेष आमंत्रित अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
वार्षिकोत्सव में छात्र-छात्राओं ने उत्तराखंड की लोकसंस्कृति और सामाजिक जनजीवन पर आधारित मनभावन सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर अद्भुत समा बांध दिया। इन प्रस्तुतियों में एकल नृत्य, समूह नृत्य, एकल एवं युगल गायन तथा मांगल गीत प्रमुख रहे। महाविद्यालय के एंटी-ड्रग्स प्रकोष्ठ ने नोडल अधिकारी डॉ. चरणसिंह केदारखंडी द्वारा लिखित नाटक “नशामुक्त जीवन एक वरदान है” की प्रभावशाली प्रस्तुति के माध्यम से देवभूमि में तेजी से फैल रहे नशे के कारोबार पर व्यंग्य करते हुए समाज को नशामुक्ति का संदेश दिया।
समारोह में कार्यक्रम अध्यक्ष एवं महाविद्यालय की प्राचार्य प्रोफेसर प्रीति कुमारी ने सभी अतिथियों का स्वागत किया तथा वार्षिक आख्या का वाचन करते हुए महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं अन्य उपलब्धियों को अतिथियों के समक्ष रखा।
बतौर मुख्य अतिथि अपने संबोधन में ऋषि प्रसाद सती ने कहा कि इस महाविद्यालय से उनका स्थापना काल से ही गहरा भावनात्मक जुड़ाव रहा है। उन्होंने महाविद्यालय में सार्वजनिक मंच की छत का निर्माण अपने स्तर से कराने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वे कॉलेज में स्नातकोत्तर विषयों में अध्ययन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए प्रयासरत हैं।
अति विशिष्ट अतिथि सरदार सेवा सिंह ने अपने सारगर्भित भाषण में कहा कि उच्च शिक्षा देश की संभावनाओं की रीढ़ होती है और राष्ट्र के भविष्य की दिशा तय करती है। उन्होंने छात्र हित में महाविद्यालय के सार्वजनिक मंच के विस्तार का कार्य शीघ्र कराने तथा परिसर की स्वच्छता के लिए ग्रास कटर मशीनें उपलब्ध कराने की घोषणा की।
प्रतिभा सम्मान समारोह के अंतर्गत “मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना” के तहत विभिन्न कक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त कर नकद छात्रवृत्ति हासिल करने वाले 19 मेधावी विद्यार्थियों को स्वर्ण, रजत एवं कांस्य पदक के साथ प्रमाणपत्र प्रदान कर मुख्य अतिथि एवं अन्य अतिथियों द्वारा, अभिभावकों की उपस्थिति में, डॉ. किशोरी लाल के मार्गदर्शन में सम्मानित किया गया।
वार्षिकोत्सव में क्रीड़ा परिषद के प्रभारी डॉ. पवन कुमार के निर्देशन में आयोजित वार्षिक क्रीड़ा प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। पुरुष वर्ग में सीमांत सिंह फर्स्वाण तथा महिला वर्ग में प्रियंका को ‘चैंपियन’ का खिताब प्राप्त हुआ। भाला फेंक, दौड़, कैरम, शतरंज, ऊंची कूद, लंबी कूद तथा गोला फेंक प्रतियोगिताओं के विजेताओं को भी पुरस्कृत किया गया।
महाविद्यालय की सांस्कृतिक परिषद की ओर से छात्रसंघ अध्यक्ष दिव्यांशु, उपाध्यक्ष रिया, सचिव सृष्टि, सह सचिव मनीषा एवं कोषाध्यक्ष स्नेहा को स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर ओमप्रकाश डोभाल एवं स्वामी मित्रश्री ने भी युवाओं के साथ प्रेरक संवाद किया।
कार्यक्रम का संचालन असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. नवीन पंत तथा इतिहास विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. रणजीत सिंह मर्तोलिया ने संयुक्त रूप से किया, जबकि छायांकन हरीश नेगी द्वारा किया गया।
समारोह में प्रो. सत्यनारायण राव, डॉ. जी.के. सेमवाल, डॉ. नंदन रावत, डॉ. धीरेंद्र सिंह, डॉ. राजेन्द्र सिंह, रणजीत सिंह राणा, जीत सिंह भंडारी, आनंद सिंह, रचना, जगदीश लाल सहित महाविद्यालय परिवार एवं नगर क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
