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बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक वर्ष पूरे, 100 दिवसीय जागरूकता कार्यक्रम शुरू

नयी दिल्ली, 7 दिसंबर। बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के एक वर्ष पूरा होने के अवसर पर नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी और राज्य मंत्री सावित्री ठाकुर की उपस्थिति में महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने 100 दिवसीय गहन जागरूकता अभियान की शुरुआत की। केंद्र सरकार ने 27 नवंबर 2024 को इस राष्ट्रीय अभियान का शुभारंभ किया था।

इस मौके पर बाल अधिकार कार्यकर्ता और जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन (जेआरसी) के संस्थापक भुवन ऋभु ने बच्चों के खिलाफ अपराधों को समाप्त करने के लिए सभी हितधारकों से राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय रूप से जुड़ने की अपील की।

ऋभु ने कहा, “बाल विवाह मुक्त भारत के लक्ष्य की प्राप्ति में सामुदायिक समूहों, धार्मिक नेताओं, पंचायत प्रतिनिधियों और नागरिकों की सबसे महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार का यह अभियान आज पूरी दुनिया के लिए एक मॉडल बन चुका है। यह बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों के उन्मूलन के प्रति हमारे सामूहिक प्रयास और प्रतिबद्धता का प्रतीक है।”

उन्होंने आगे कहा, “पिछले वर्ष एक लाख से अधिक बाल विवाह रोके जाना इस बात का प्रमाण है कि जब समाज एकजुट होकर आगे बढ़ता है तो बदलाव अवश्यंभावी है। हमारा लक्ष्य है कि अगले एक वर्ष में एक लाख गांवों को बाल विवाह मुक्त घोषित किया जाए, ताकि हर बच्चे को सुरक्षित वातावरण, शिक्षा और जीवन में आगे बढ़ने का अवसर मिल सके। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में इस अभियान की गति अत्यंत महत्वपूर्ण है।”

उन्होंने यह भी बताया कि जस्ट राइट्स फॉर चिल्ड्रेन देश के 450 जिलों में कानून प्रवर्तन एजेंसियों के साथ कार्य कर रहे 250 से अधिक नागरिक समाज संगठनों का नेटवर्क है, जो बाल अधिकार संरक्षण को मजबूत करने के लिए निरंतर कार्यरत है।

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